गांव बापोड़ा के सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. सतपाल सिंह तंवर ने बताया कि भारतीय वायु सेना में विंग कमांडर व्योमिका सिंह गांव की बहू है। उसके पति दिनेश सभ्रवाल भी विंग कमांडर हैं। उनके ससुर प्रेम सिंह का पूरा परिवार अब भी गांव में ही रह रहा है जबकि व्योमिका फिलहाल पति के साथ गुरुग्राम में रह रही हैं।
डॉ. सतपाल का कहना है कि ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय वायु सेना ने दुश्मनों की हद में घुसकर मारा है। यह देश के लिए गौरव की बात है। जिस तरह आतंकवादियों की कायराना हरकत से पूरा देश गुस्से और दुख से जूझ रहा था, ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद हर देशवासी के दिल में सुलग रही बदले की भावना थोड़ी शांति मिली है।

विंग कमांडर ने जब ऑपरेशन सिंदूर की सफलता की कहानी मीडिया को सुनाई तो गांव बापोड़ा का हर नागरिक गौरव से भर उठा। शहर से मात्र आठ किलोमीटर दूर गांव बापोड़ा सैनिकों का गांव कहलाता है। गांव के हर दूसरे घर का बेटा फौजी है। गांव में 20 हजार लोगों की आबादी में करीब दो हजार से अधिक सैनिक और पूर्व सैनिक हैं।
पूर्व थल सेना अध्यक्ष जनरल वीके सिंह का भी गांव है बापोड़ा
पूर्व थल सेना अध्यक्ष जनरल वीके सिंह सहित कई सैन्य अधिकारी भी इसी गांव से ताल्लुक रखते हैं। वीर सपूतों का गांव बापोड़ा के स्वागत द्वार पर 1971 में पाकिस्तान युद्ध में दुश्मनों के दांत खट्टे करने वाला टी-55 टैंक वीरों की वीरगाथा को बयां कर रहा है। सेना के सर्वोच्च सम्मानों में से एकवीर चक्र विजेता (मरणोपरांत ) माथन सिंह भी गांव बापोड़ा के वीर सपूत थे, जिनके नाम पर वर्तमान में भिवानी का रेलवे स्टेशन बना हुआ है।
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