घरेलू रिन्यूएबल एनर्जी इंडस्ट्री के खिलाड़ियों का कहना है कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील ग्लोबल ट्रेड में स्थिरता बहाल करने और दोनों देशों के बीच लॉन्गटर्म सप्लाई रिलेशन को मजबूत करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है. इस डील पर बात करते हुए रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर के खिलाड़ियों ने कहा कि बेहतर टैरिफ व्यवस्था से उन्हें निर्यात रणनीतियों का रीवैल्यूएशन करने और भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच मजबूत लॉन्गटर्म सप्लाई चेन पार्टनर को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी. आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर प्लेयर्स का इस क्या कहना है.

जैक्सन ग्रुप के चेयरमैन समीर गुप्ता ने कहा कि हालिया भारत-अमेरिका व्यापार समझौता भारतीय व्यवसायों के लिए वैश्विक व्यापार में स्थिरता और प्रिडिक्टीबिलिटी बहाल करने की दिशा में एक पॉजिटिव कदम है. रेसिप्रोकल टैरिफ में कमी से एक्सपोर्ट प्रतिस्पर्धात्मकता में सुधार होता है और कंपनियों को लॉन्गटर्म निवेश योजना बनाने और ऑपरेशन बढ़ाने में अधिक स्पष्टता मिलती है; ओएमसी पावर के को-फाउंडर और सीईओ रोहित चंद्र ने कहा कि सोलर सेक्टर के लिए, टैरिफ को 18 प्रतिशत तक तर्कसंगत बनाना एक महत्वपूर्ण सकारात्मक कदम है, जिससे मूल्य प्रतिस्पर्धा में सुधार होगा और अमेरिका में बाजार तक पहुंच अधिक स्पष्ट और प्रिडिक्टेड सकेगी. उन्होंने आगे कहा कि इस कदम से भारतीय सोलर मेकर्स की मांग में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, निर्यात को बढ़ावा मिलेगा और दोनों देशों के बीच दीर्घकालिक आपूर्ति संबंधों को मजबूती मिलेगी.
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