ट्रेस के बावजूद झारखंड से चोरी या खोने वाले मोबाइल की बरामदगी में झारखंड पुलिस रूचि नहीं लेती।
दिलीप कुमार, रांची। ट्रेस के बावजूद झारखंड से चोरी या खोने वाले मोबाइल की बरामदगी में झारखंड पुलिस रूचि नहीं लेती। पुलिस के उदासीन रवैये के कारण हजारों मोबाइल बरामद नहीं हो पाते।
लोगों की गाढ़ी कमाई से ली गई इस आवश्यकता की वस्तु का अपराधी लाभ उठा लेते हैं। चोरी या खोने वाले मोबाइल की बरामदगी में झारखंड का प्रदर्शन देश के निचले तीन राज्यों में शामिल है।
इसका खुलासा सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर (सीईआइआर) पोर्टल की समीक्षा के दौरान हुआ है। समीक्षा रिपोर्ट के बाद पुलिस मुख्यालय ने झारखंड के थानों की कार्यशैली पर सवाल उठाते निराशा जताई ।
थाना स्तर पर इसके प्रति सक्रियता बढ़ाने की जरूरत
मुख्यालय ने सभी जिलों को सख्त निर्देश दिया है कि थाना स्तर पर इसके प्रति सक्रियता बढ़ाने की आवश्यकता है। 11 दिसंबर 2025 को भारत सरकार के दूरसंचार मंत्रालय में महानिदेशक सुनीता चंद्रा व आठ जनवरी 2026 को एडीजी बिहार लाइसेंस सर्विस एरिया कार्यालय से राजीव रंजन ने सीईआइआर की समीक्षा से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट झारखंड को दी थी।
अधिकारियों ने अपनी रिपोर्ट में जानकारी दी कि सीईआइआर का उपयोग कर मई 2023 से अब तक कुल 23619 उपकरणों को ब्लाक किया गया है।
कुल 15507 खोए या चोरी हुए मोबाइल फोन ट्रेस किए गए हैं। इतना ही नहीं, उसकी पूरी जानकारी सभी संबंधित थाना को दी गई, लेकिन अब तक झारखंड में कुल 2370 मोबाइल फोन की बरामदगी की गई है।
झारखंड राज्य का बरामदगी प्रतिशत केवल 15.28 प्रतिशत है। राष्ट्रीय स्तर पर झारखंड राज्य का प्रदर्शन देश में निचले तीन राज्यों में शामिल है। पुलिस मुख्यालय ने इसे काफी खेदजनक बताया है।
सीईआइआर पोर्टल के लिए पुलिस मुख्यालय ने जारी किया निर्देश
सीईआरआर पोर्टल के अधिकाधिक उपयोग के लिए पुलिस मुख्यालय ने सभी थानों को यह निर्देश दिया है कि सभी जिलों में थाना स्तर पर सीईआइआर पोर्टल को लगातार लाग इन करके ट्रेसेबिलिटी रिपोर्ट को डाउनलोड कर खोने वाले या चोरी गए मोबाइल को बरामद करने की दिशा में सार्थक प्रयास करें।
पूर्व में प्रेषित व अब तक लंबित ट्रेसेबिलिटी रिपोर्ट के आधार पर खोने वाले, चोरी गए मोबाइल की बरामदगी का अधिकारिक प्रयास करें। जिला अंतर्गत थाना स्तर पर सीईआइआर पोर्टल के सफल क्रियान्वयन के लिए नोडल अधिकारी की प्रतिनियुक्ति करें।
उपरोक्त बिंदुओं पर आवश्यक कार्रवाई करते हुए खोने वाले या चोरी गए मोबाइल की रीकवरी दर में वृद्धि करें। सभी थाना, ओपी प्रभारी अपने-अपने थाना, ओपी से एक-एक पुलिसकर्मी, पदाधिकारी सीईआइआर पोर्टल के सफल क्रियान्वयन के लिए नोडल अधिकारी के रूप में पद, नाम एवं मोबाइल नंबर के साथ तकनीकी शाखा में अविलंब रिपोर्ट के माध्यम से संबंधित एसपी को जानकारी दें। |
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