बंगाल में अब तक निपाह वायरस के 5 मामले मिले 100 लोगों को किया गया क्वारंटाइन (फाइल फोटो)
राज्य ब्यूरो, जागरण, कोलकाता। बंगाल के पूर्वी हिस्से में निपाह वायरस के पांच मामले सामने आने से आम लोग व प्रशासन सिंचित है। प्रशासन ने करीब 100 लोगों को क्वारंटाइन किया है। इस हफ्ते तीन नए मरीज मिले हैं, जिनमें एक डाक्टर, एक नर्स और एक स्वास्थ्य कर्मचारी शामिल हैं। इससे पहले दो नर्सों में भी निपाह वायरस की पुष्टि हुई थी। ये दोनों नर्सें कोलकाता के पास बारासात के एक निजी अस्पताल में काम कर रही थीं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने निपाह वायरस को एक गंभीर बीमारी माना है क्योंकि यह जानवरों से इंसानों में फैल सकती है और महामारी का रूप ले सकती है। इस बीमारी से बचाव के लिए कोई टीका नहीं है और न ही इसका कोई इलाज है।
पहले मामले के सामने आने के बाद से करीब 100 लोगों को घर में ही क्वारंटाइन रहने को कहा गया है। नए संक्रमित मरीजों को कोलकाता के बेलेघाटा स्थित संक्रामक रोग अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि पहले के दो मरीज अभी भी एक निजी अस्पताल के आइसीयू में हैं।
बंगाल स्वास्थ्य विभाग के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि पुरुष नर्स की हालत में सुधार हो रहा है, लेकिन महिला मरीज की हालत अभी भी बहुत गंभीर है। उन्होंने कहा कि दोनों का इलाज इंटेंसिव कोरोनरी केयर यूनिट में चल रहा है। भारत में हर साल निपाह वायरस का संक्रमण देखने को मिलता है। विशेषज्ञ इस बात की चेतावनी दे रहे हैं कि यह एक जूनोटिक (जानवरों से इंसानों में फैलने वाली) बीमारी है।
चमगादड़ों में पाया जाता है यह वायरस
यह वायरस कुछ खास तरह की चमगादड़ों में पाया जाता है। इंसानों में यह संक्रमण बहुत कम होता है। यह तब होता है जब इंसान और चमगादड़ का संपर्क होता है। इसका मतलब है कि चमगादड़ों द्वारा संक्रमित किए गए फल खाने से यह बीमारी फैल सकती है। उन्होंने कहा कि यह ग्रामीण और जंगल के आसपास के इलाकों में ज्यादा होता है। उन्होंने आगे बताया कि वहां खेती-किसानी के कारण इंसानों का फल खाने वाली चमगादड़ों से संपर्क बढ़ जाता है।
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