मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की बैठक।
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। मतदाता सूची को शुद्ध बनाने और प्रत्येक मतदाता को फोटो पहचान पत्र मुहैया कराने जैसी भारत की पहल अब दुनिया भर के चुनाव प्रबंधन निकायों ने भी आगे बढ़ने का फैसला लिया है। निकायों का मानना है कि ऐसी पहल से वह अपनी चुनावी पारदर्शिता को और मजबूती दे सकेंगे।
दुनिया भर के चुनाव प्रबंधनने मतदाता सूची को शुद्ध बनाने का दिशा में आगे बढ़ने को लेकर यह सहमति तब दी है, जब निर्वाचन आयोग इन दिनों देश में मतदाता सूची को शुद्ध बनाने के लिए विशेष सघन पुनरीक्षण (एसआईआर) का अभियान छेड़े हुए है। बिहार के बाद यह अभी 12 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में चल रहा है।
निर्वाचन आयोग ने जारी किया घोषणा पत्र
लोकतंत्र और चुनाव प्रबंधन पर आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के अंतिम दिन शुक्रवार को दुनिया भर के चुनाव प्रबंधन निकायों की सहमति से भारत निर्वाचन आयोग ने एक दिल्ली घोषणा पत्र जारी किया गया। जिसमें दुनिया भर के चुनाव प्रबंधन निकायों में जिन पांच बिंदुओं पर फोकस करने को सहमति जताई गई, उनमें प्रमुख बिंदु शुद्ध मतदाता सूची तैयार करने को लेकर था।
शुद्ध मतदाता सूची को किसी भी लोकतांत्रिक देश का आधार बताते हुए इस पर आगे बढ़ने की सभी ने सहमति जताई है। इसके साथ ही प्रत्येक मतदाता के फोटोयुक्त पहचान पत्र को भी चुनावी पारदर्शिता के लिए जरूरी बताते हुए सभी ने इस देशों ने इस सहमति जताई है। भारत में पहले से ही सभी मतदाताओं को फोटो पहचान पत्र देने का काम चल रहा है।
दिल्ली में आयोजित तीन दिवसीय इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में दुनिया भर के 70 से अधिक देशों के चुनाव प्रबंधन निकायों के प्रतिनिधि, राजदूत, उच्चायुक्त और विशेषज्ञ शामिल हुए थे। इनमें से 40 देशों के चुनाव प्रबंधन निकायों के प्रमुखों ने हिस्सा लिया था।
ज्ञानेश कुमार ने क्या कहा?
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि सम्मेलन में मतदाता सूची की शुद्धता सहित पांच बिंदुओं को सभी चुनाव प्रबंधन निकायों ने स्वीकार करने का संकल्प लिया है। इसमें मतदाता सूची की शुद्धता के साथ प्रत्येक मतदाताओं के फोटो पहचान पत्र, चुनावों का संचालन, अनुसंधान व प्रकाशन, प्रौद्योगिकीका इस्तेमाल व प्रशिक्षण एवं दक्षता निर्माण शामिल है। इसके साथ ही चुनाव प्रबंधन निकायों ने संकल्प की प्रगति को जांचने के लिए 2026 के अंत में तीन से पांच दिसंबर के बीच अगली बैठक को प्रस्तावित की गई।
गौरतलब है कि सम्मेलन यूनाइटेड किंगडम, दक्षिण अफ्रीका, मालदीव, श्रीलंका, नाइजीरिया, जार्जिया, मंगोलिया, नामीबिया, इंडोनेशिया, मैक्सिको व मारीशस जैसे प्रमुख देशों के चुनाव प्रबंधन निकाय शामिल थे।
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