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Vastu For Bathroom: बाथरूम में रखी खाली बाल्टी छीन सकती है आपकी सुख-शांति, जानें क्या कहता है वास्तु शास्त्र

Chikheang 10 hour(s) ago views 446
  

बाथरूम में रखी खाली बाल्टी है अशुभ? (Image Source: AI-Generated)



धर्म डेस्क, नई दिल्ली। अक्सर हम घर की सजावट और मुख्य कमरों के वास्तु पर तो बहुत ध्यान देते हैं, लेकिन बाथरूम जैसी महत्वपूर्ण जगह को नजरअंदाज कर देते हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार, बाथरूम का सीधा संबंध हमारी आर्थिक स्थिति और मानसिक शांति से होता है। कई बार हम अनजाने में बाथरूम में खाली बाल्टी छोड़ देते हैं, जिसे वास्तु में एक बड़ा दोष माना गया है। यह छोटी सी लापरवाही घर में कंगाली और नकारात्मकता का कारण बन सकती है।
खाली बाल्टी क्यों है अशुभ?

वास्तु विज्ञान में पानी को \“सम्पन्नता\“ और \“प्रवाह\“ का प्रतीक माना गया है। प्राचीन वास्तु शास्त्रों के अनुसार, बाथरूम में खाली बाल्टी रखना खालीपन और अभाव को दर्शाता है। जब बाल्टी खाली होती है, तो यह घर में सकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह को रोकती है और आर्थिक तंगी का संकेत देती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर आप रात के समय बाल्टी को खाली छोड़ देते हैं, तो इससे घर में तनाव और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी पैदा हो सकती हैं। ज्योतिषीय दृष्टिकोण से भी जल का संबंध चंद्रमा से है, और खाली बर्तन मानसिक अशांति का कारण बन सकते हैं।

  

(Image Source: AI-Generated)
बाल्टी का रंग और दिशा भी है महत्वपूर्ण

बाल्टी के इस्तेमाल में केवल उसका भरा होना ही काफी नहीं है, बल्कि उसका रंग भी मायने रखता है:

नीले रंग का महत्व: वास्तु में नीले रंग की बाल्टी को सबसे शुभ माना गया है। नीला रंग जल तत्व का प्रतिनिधित्व करता है और इसे बाथरूम में रखने से राहु-केतु जैसे ग्रहों के अशुभ प्रभाव कम होते हैं।

सफाई का ध्यान: बाल्टी कभी भी टूटी हुई या बहुत पुरानी नहीं होनी चाहिए। गंदी बाल्टी घर में दरिद्रता लाती है।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।
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