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देवघर में उमड़ा मिथिलावासियों का सैलाब
जागरण संवाददाता, देवघर। आज से एक महीने तक यानी वसंत पंचमी से फाल्गुन पूर्णिमा तक बाबा को प्रतिदिन अबीर अर्पित होगा। सुबह से जलाभिषेक हो रहा है। मिथिलावासियों का निरंतर कांवर लेकर बाबाधाम आना जारी है। रास्ते में बोल बम की गूंज सुनाई दे रही है।
वसंत पंचमी के अवसर पर बाबा बैद्यनाथ का तिलकोत्सव मिथिलावासी करते हैं। कांवर में लाए गंगाजल से मिथिलावासी भोलेनाथ का जलाभिषेक करने के समय घर से लाए शुद्ध् घी और धान की बाली अर्पित करते हैं। अबीर अर्पित करते हैं।
मिथिला में शुरू हो जाती है होली
देवाधिदेव महादेव मंदिर प्रांगण और देवघर के आंगन में जहां वह डेरा डाले हैं फाग गीत गाते हैं और एक दूसरे को गुलाल लगाकर होली की शुरुआत करते हैं। बाबा को अबीर अर्पित करने के बाद पूरे मिथिला में होली शुरू हो जाती है जो फाल्गुन पूर्णिमा को फगुआ खेलने के बाद विराम लेता है। बाबा मंदिर की परंपरा है। बसंत पंचमी से
फाल्गुन पूर्णिमा के दिन बाबा बैद्यनाथ को पूजा के समय अबीर अर्पित किया जाता है। मंदिर इस्टेट की ओर से पंचमी की शाम लक्ष्मीनारायण मंदिर के बरामदे पर तिलकोत्सव की रस्म होती है। जिसमें आम का मंजर, धान के साथ रस्म होती है। इसके बाद मुख्य पुजारी मालपुआ का भोग लगाते हैं।
भैरव पूजा कर तिलकोत्सव की रस्म
बाबा मंदिर में सुबह से पूजा हो रही है। मिथिलावासी से मंदिर प्रांगण और देवघर अटापटा है। सुबह की पूजा सरदार पंडा ने किया।
मिथिलावासी तो अबीर-गुलाल खेलकर और भैरव पूजा कर तिलकोत्सव की रस्म करते हैं। लेकिन मंदिर इस्टेट की ओर से विधिवत की जाती है। |
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