सांकेतिक तस्वीर
अमरेंद्र कांत, किशनगंज। मनरेगा योजना में जिले के दिघलबैंक प्रखंड में जमकर गड़बड़झाला किया गया। जिसकी पुष्टि होने के बाद भी छह माह से कार्रवाई की फाइल अटकी हुई है। प्रखंड के तुलसिया पंचायत में मृतकों के नाम पर मजदूरी राशि का भुगतान कर करने के साथ ही एक-दो व्यक्तियों से कई बार अंगूठा का निशान लेकर फर्जीवाड़ा कर रुपये का भुगतान कर दिया गया। यही नहीं मजदूर की जगह मशीन से भी काम कराया गया। डीएम के आदेश से जांच कराई गई। जांच रिपोर्ट भी जुलाई माह में ही सौंप दिया गया। लेकिन अबतक संबंधित पर कार्रवाई नहीं हो पाई है।
मनरेगा योजना में तुलसिया गड़बड़ी को लेकर प्रखंड के तुलसिया खालिद हुसैन अनवर की शिकायत पर डीएम ने मई 2025 में सहायक निदेशक बाल संरक्षण इकाई को जांच कर प्रतिवेदन सौंपने का निर्देश दिया था। जुलाई माह में संबंधित अधिकारी ने जांच प्रतिवेदन सौंप दिया। जिसमें कई गड़बड़ी की पुष्टि हुई थी।
जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि जाब कार्डधारी रूहुल हक के द्वारा जनवरी से लेकर अप्रैल 2025 तक तीन योजना में कार्य करने की बात मस्टर रोल में कही गई है। जबकि रूहुल हक की मृत्यु 16 दिसंबर 2024 को ही हो गई थी। मृत व्यक्ति से कार्य लेकर कार्य के मजदूरी का भुगतान भी कर दिया गया।
इसी तरह जाब कार्डधारी अशहाबुद्दीन द्वारा कभी भी मनरेगा का कार्य नहीं किया गया है। परंतु उनके बैंक खाते में मजदूरी राशि का भुगतान आ गया। जिसे एक वार्ड सदस्य द्वारा रुपये निकालकर ले लिया गया। इसके लिए उन्हें तीन सौं रुपये दिये गये।
जांच रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि निजी जमीन पर तालाब निर्माण कार्य मशीन से कराया गया। मानव बल श्रम का साक्ष्य नहीं मिला। यही नहीं मस्टर रोल पर फर्जी तरीके से दो-चार लोगों का बार-बार अंगूठा का निशान लिया गया। जांच रिपोर्ट डीएम को जुलाई माह में ही भेजी गई। लेकिन अबतक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। जबकि मनरेगा पीओ श्याम प्रसाद का अब कटिहार जिले में तबादला भी हो गया है। |
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