सांकेतिक तस्वीर
राज्य ब्यूरो, पटना। सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए गाड़ियों में वायरलेस तकनीक के इस्तेमाल की तैयारी की जा रही है। इस सुविधा से लैस वाहन के आगे-पीछे कोई अनियंत्रित गाड़ी होगी या अचानक ब्रेक लगाएगी तो गाड़ी बीप बजाकर अलर्ट करेगा। इस तकनीक से यह भी जानकारी मिल सकेगी कि आपके आगे-पीछे कौन सी गाड़ी किस रफ्तार से चल रही है।
पिछले दिनों दिल्ली में देश भर के परिवहन मंत्रियों की बैठक में इस तकनीक के लागू करने पर सहमति बनी थी। राज्य में इसे लागू करने की तैयारी है। इस साल के अंत तक नई गाड़ियों में यह तकनीक लागू करने की योजना है। पहले चरण में इस तकनीक को नई कारों, बसों और ट्रकों में अनिवार्य किया जाएगा। इस तकनीक के लगने से गाड़ियों की कीमत में पांच-सात हजार की वृद्धि होगी।
जानकारी के अनुसार, केंद्र सरकार व्हीकल-टू-व्हीकल (वीटूवी) वायरलेस कम्यूनिकेशन तकनीक ला रही है। इस सिस्टम के तहत गाड़ियों में आन-बोर्ड यूनिट लगाई जाएगी जिससे आसपास चल रहे वाहनों से लगातार डेटा का आदान-प्रदान होता रहेगा।
यह बोर्ड बहुत ही छोटी सी डिवाइस होगी जिसे गाड़ी में ड्राइवर के सामने स्थायी रूप से लगा दिया जाएगा। यह स्पीड, लोकेशन, दिशा, ब्रेकर की जानकारी लेती और भेजती रहेगी। अगर आसपास की किसी अनियंत्रित गाड़ी से खतरा महसूस होगा तो ड्राइवर को तुरंत डैशबोर्ड पर बीप या विजुअल अलर्ट मिलेगा। यह तकनीक रेडियो फ्रीक्वेंसी बैंड पर काम करता है। इसके लिए मोबाइल नेटवर्क या इंटरनेट की आवश्यकता नहीं होती है। |