सीएम योगी (फाइल फोटो)
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। प्रदेश सरकार ने 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस समारोह गरिमापूर्ण तरीके से मनाने के लिए जिलाधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। मुख्य सचिव एसपी गोयल की ओर से गुरुवार को जारी किए गए दिशा-निर्देश में कहा गया है कि कार्यक्रमों में देश के गौरवशाली इतिहास व स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग व बलिदान को याद किया जाए।
जनसाधारण को जनसभाओं व गोष्ठियों के माध्यम से यह समझाने का प्रयास किया जाए कि राजनीतिक स्वाधीनता के बाद आर्थिक स्वाधीनता व सामाजिक बराबरी के लिए अनेक कदम उठाने हैं। इस दिशा में सरकार के कार्यों को बताया जाए।
निर्देशों में कहा गया है कि सरकारी भवनों में सुबह 8:30 बजे व शिक्षण संस्थाओं में दिन में 10 बजे तिरंगा फहराया जाएगा। इस अवसर पर राष्ट्रगान के साथ ही संविधान के संकल्पों को याद किया जाएगा। राष्ट्रीय एकता, अखंडता, धर्म-निरपेक्षता और सांप्रदायिक सौहार्द की भावना को मजबूत बनाने पर बल दिया जाए।
समारोह की व्यवस्था के लिए डीएम एक परामर्शदाता समिति गठित करेंगे, जिसमें स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, शहीदों के स्वजन, विभिन्न सामाजिक संगठनों, राजनीतिक दल, सरकारी विभागों, शैक्षिक संस्थाओं, जिला सैनिक कल्याण कार्यालय के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाए।
सभी शिक्षण संस्थाओं में ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जिनमें राष्ट्रगाान ‘जन-गण-मन’ का सामूहिक गायन भी शामिल हो। विद्यार्थियों को संक्षेप में स्वतंत्रता संग्राम का इतिहास बताया जाएगा और सशस्त्र सैन्य बलों के बलिदान को नमन करते हुए देशभक्तों के जीवन के प्रेरक-प्रसंगों की चर्चा की जाएगी। नाटक, विचार गोष्ठी तथा निबंध लेखन प्रतियोगिताएं कराई जाएंगी।
झंडा फहराने के तत्काल बाद पुलिस परेड की जाएगी तथा पुलिस बैंड के माध्यम से भी कार्यक्रम होंगे। परेड की सलामी उपस्थित केंद्रीय व प्रदेश सरकार के मंत्रीगण लेंगे। मंत्रीगण के उपस्थित नहीं रहने पर सलामी मंडलायुक्त या जिलाधिकारी लेंगे। यदि विधान परिषद के सभापति या विधानसभा के अध्यक्ष जिले में उपलब्ध हैं तो उनसे झंडा फहराने के लिए अनुरोध किया जाने के निर्देश दिए गए हैं।
परेड में जिले के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों तथा सैन्य बल के शहीदों की पत्नियों व अभिभावकों को ससम्मान आमंत्रित किया जाएगा। लिखा गया है कि समारोह में स्थानीय स्वाधीनता संग्राम सेनानियों, सशस्त्र बलों के पुरस्कृत वीरों, शहीदों के आश्रितों तथा अन्य राष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित जनों को जन प्रतिनिधियों से सम्मानित कराया जाए।
लोक सभा व राज्य सभा के साथ ही विधान परिषद व विधान सभा के सदस्यों को आदर सहित आमंत्रित किया जाए। निर्देश दिए गए हैं कि बढ़ते प्रदूषण व बढ़ती जनसंख्या से हमारी विकास यात्रा प्रभावित हो रही है। सुखी भविष्य के लिए स्वच्छ पर्यावरण तथा सीमित परिवार की आवश्यकता को रेखांकित किया जाए। |