डॉ. अदिति सलारिया ने मातृ मृत्यु मामलों की समीक्षा की
जागरण संवाददाता, जालंधर। पंजाब की परिवार कल्याण निदेशक डॉ. अदिति सलारिया ने नवंबर 2025 की मातृ मृत्यु मामलों की समीक्षा की। यह समीक्षा उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से आयोजित एमडीआर बैठक में की।
इस दौरान जालंधर के सिविल सर्जन ने एक मातृ मृत्यु के कारणों की जानकारी दी और भविष्य में ऐसी मौतों को रोकने का आश्वासन दिया। उन्होंने हाई-रिस्क गर्भवती महिलाओं के लिए एक्शन प्लान बनाने और एनीमिया, बीपी, शुगर जैसी समस्याओं से होने वाली मौतों को रोकने के निर्देश दिए, ताकि सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित हो सके।
इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ. राजेश गर्ग ने नवंबर माह के दौरान जिला जालंधर में हुई एक मातृ मृत्यु के कारणों की जानकारी दी और भविष्य में मातृ मृत्यु के कारणों पर विशेष ध्यान देते हुए ऐसी मौतों को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया।
गौरतलब है कि मातृ मृत्यु वे मामले होते हैं, जिनमें गर्भवती महिला की मृत्यु गर्भावस्था के दौरान, प्रसव के समय या प्रसव के 42 दिनों के भीतर हो जाती है। वीडियो कॉन्फ्रेंस बैठक के बाद सिविल सर्जन डॉ. राजेश गर्ग ने जिला कार्यक्रम अधिकारियों और स्वास्थ्य स्टाफ के साथ बैठक करते हुए निर्देश दिए कि हाई-रिस्क गर्भवती महिलाओं के लिए एक्शन प्लान तैयार कर उनका निरंतर फॉलोअप किया जाए।
उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि एनीमिया, बीपी, शुगर और पोस्ट पार्टम हैमरेज (पीपीएच) आदि कारणों से किसी भी गर्भवती महिला की मृत्यु न हो और सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित किया जा सके। इस मौके पर जिला परिवार कल्याण अधिकारी डॉ. रमन गुप्ता, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. राकेश चोपड़ा, डॉ. प्रियंका, डॉ. रघुप्रिया और असीम शर्मा उपस्थित थे। |