हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर हलचल तेज हो गई है। प्रतीकात्मक फोटो
राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश में नई पंचायतों के गठन और पुनर्गठन के लिए राज्य निर्वाचन आयोग धारा 12.1 में छूट देगा। 28 फरवरी से पहले पुनर्गठन प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा। इसके अलावा शहरी निकायों में होने वाले बदलाव को लेकर भी छूट दी जाएगी। जिससे 28 फरवरी से पूर्व पुनर्गठन की प्रक्रिया को पूरा किया जा सके।
राज्य निर्वाचन आयोग ने जिला उपायुक्तों को अल्टीमेटम दे दिया है कि जिन पंचायतों ओर शहरी निकायों में बदलाव नहीं होना है, उनकी मतदाता सूचियां 30 जनवरी तक प्रकाशित कर दी जाएं। इस संबंध में आयोग ने 22 जनवरी को सभी जिला उपायुक्तों को लिखित आदेश जारी कर दिए।
175 में बदलाव का अनुमान
प्रदेश की वर्तमान में 3577 पंचायतों में से करीब 175 पंचायतों में बदलाव आने का अनुमान है। आयोग के निर्देशों के तहत करीब 3400 पंचायतों की मतदाता सूचियों को प्रकाशित करना होगा।
प्रदेश उच्च न्यायालय के निर्देशों के बाद हुई बैठक में 32 नई पंचायतों की चर्चा हुई है, जबकि 18 और पंचायतों को बनाने पर विचार चल रहा है, यदि वे निर्धारित मापदंडों को पूरा करती हैं।
28 फरवरी तक आरक्षण रोस्टर जारी होगा
राज्य निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि 28 फरवरी तक पुनर्गठन की प्रक्रिया को पूरा करना होगा और आरक्षण रोस्टर जारी करना होगा। उसके बाद फिर पंचायतों और शहरी निकायों में हुए बदलाव के आधार पर उनकी मतदाता सूचियां अलग से प्रकाशित की जाएंगी।
30 अप्रैल से पूर्व होंगे पंचायत चुनाव
पंचायती राज संस्थाओं और शहरी निकायों के चुनाव 30 अप्रैल से पूर्व करवाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनावी प्रक्रिया को एक बार फिर से तेज कर दिया है।
सरकार के पास 32 पंचायतें बनाने का प्रस्ताव
पंचायती राज विभाग के पास 817 नई पंचायतों के गठन के प्रस्ताव आए थे। सरकार द्वारा दिए गए निर्देशों के तहत सरकार के पास 32 नई पंचायतों के प्रस्ताव मंजूरी को आए हैं। इसमें कांगड़ा में 12, मंडी में 04, बिलासपुर, चंबा, सोलन व ऊना में 3-3, सिरमौर में दो, हमीरपुर व शिमला 1-1 नई पंचायत नियमों के आधार पर ठीक पाई गई है।
क्या कहते हैं राज्य निर्वाचन आयुक्त
पंचायतों व शहरी निकायों की सीमाओं में किसी भी प्रकार के बदलाव पर रोक के लिए आदर्श चुनाव आचार संहिता की धारा 12.1 लगाई है। प्रदेश उच्च न्यायालय के निर्देशों के तहत की गई है। अधिकारियों के साथ बैठक की गई है। इसमें न्यायालय के आदेशों और 30 अप्रैल से पूर्व चुनाव करवाने के बारे में अवगत करवाया गया है। पंचायतों की सीमाओं में बदलाव करने को धारा 12.1 में छूट दी जाएगी। जिन पंचायतों और शहरी निकायों में बदलाव का असर होना है, उनको छोड़ बाकी की मतदाता सूचियों को 30 जनवरी तक प्रकाशित करने के निर्देश दिए गए हैं।
-अनिल खाची, आयुक्त राज्य निर्वाचन आयोग।
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