जागरण संवाददाता, उरई। रेलवे स्टेशन पर पटरी पार कर दूसरे प्लेटफार्म पर जाने वाले एक यात्री की जान जाते-जाते बची। जिस पर वह रेलवे ट्रैक पार कर रहा था उसी दौरान एक ट्रेन वहां से गुजरने वाली थी। आरपीएफ कर्मियों ने समय रहते उसे रेलवे ट्रैक से उठाकर प्लेटफार्म पर खड़ा कर दिया। वह अपनी पत्नी के साथ फरीदाबाद जा रहा था। आरपीएफ ने रेलवे एक्ट के तहत उसके खिलाफ कार्रवाई की है।
आरपीएफ इंस्पेक्टर अभिषेक कुमार यादव ने बताया कि बुधवार को सुबह करीब 9:20 बजे सहायक उप निरीक्षक राघवेंद्र सिंह प्लेटफार्म संख्या तीन पर पर ट्रेन नंबर 22583 मुंबई (एलटीटी) अंत्योदय एक्सप्रेस को पास कराने हेतु तैनात थे। इसी दौरान ड्यूटी पर तैनात प्रधान आरक्षक भीमसेन त्रिपाठी ने देखा कि एक यात्री प्लेटफार्म संख्या एक एवं दो के बीच रेलवे ट्रैक पार करते हुए प्लेटफार्म संख्या तीन पर आ रही ट्रेन को पकड़ने का प्रयास कर रहा है।
प्रधान आरक्षक ने तत्काल यात्री को रुकने के लिए जोर से आवाज दी तथा आसपास मौजूद यात्रियों ने भी उसे चेतावनी दी कि प्लेटफार्म संख्या दो की लाइन पर एक ट्रेन के लिए ग्रीन सिग्नल दिया गया है। इसके बावजूद यात्री नहीं रुका। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए सहायक उप निरीक्षक राघवेंद्र सिंह तुरंत मौके पर पहुंचे। तत्परता दिखाते हुए प्रधान आरक्षक भीमसेन त्रिपाठी ने रेलवे ट्रैक पार कर रहे यात्री को उठाकर सुरक्षित रूप से प्लेटफार्म पर चढ़ा दिया।
इसके तुरंत बाद ही संबंधित थ्रू (बिना रुके सीधे निकलने वाली) ट्रेन तेज गति से लाइन पर गुजर गई। पूछताछ में पता चला कि यह यात्री नगर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम इकलासपुरा निवासी 58 वर्षीय भगवानदास है। वह अपनी पत्नी के साथ उरई से फरीदाबाद तक यात्रा के लिए जा रहा था। उसके पास जनरल टिकट भी था।
आरपीएफ इंस्पेक्टर ने बताया कि यात्री के खतरनाक कृत्य को लेकर रेलवे अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि सीधे रेलवे ट्रैक पार करना अत्यंत खतरनाक है तथा यात्रियों को सदैव निर्धारित नियमों का पालन करना चाहिए। |
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