जागरण संवाददाता, बांदा। ब्लाक बिसंडा की ग्राम पंचायत कोर्राखुर्द में मनरेगा कार्यों में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं और भ्रष्टाचार का आरोप सामने आया है। ग्राम प्रधान प्रियंका पटेल ने ग्राम रोजगार सेवक पर मनरेगा योजनाओं में फर्जीवाड़ा कर सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) बिसंडा को शिकायती पत्र सौंपा है। प्रधान ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
ग्राम प्रधान प्रियंका पटेल ने बताया कि वर्ष 2022 के उपचुनाव में वह ग्राम प्रधान निर्वाचित हुई थीं। आरोप है, कि उनके जेठ पवन कुमार पटेल पहले से ही उसी ग्राम पंचायत में रोजगार सेवक के पद पर कार्यरत हैं, जो शासनादेश के विपरीत है। इसके बावजूद वह पंचायत में पदस्थ रहते हुए मनरेगा कार्यों में लगातार भ्रष्टाचार कर रहे हैं।
महिला प्रधान का आरोप है, कि सत्र 2022-23 में मनरेगा से संबंधित विभिन्न कार्य योजनाओं, मास्टर रोल और फाइलों पर बिना ग्राम प्रधान के हस्ताक्षर कराए ही फर्जी मोहर और जाली हस्ताक्षर के जरिए भुगतान करा लिया गया। इस फर्जीवाड़े में तत्कालीन सचिव अनिल सिंह से मिलीभगत का भी आरोप लगाया गया है।
प्रधान का कहना है, कि उनके फर्जी हस्ताक्षर कर डोंगल भी बनवा लिया गया था, जिसमें अपना मोबाइल नंबर दर्ज कराकर भुगतान के दौरान आने वाली ओटीपी की जानकारी उनसे छिपाई गई। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है, कि अधिकांश मनरेगा कार्य जेसीबी मशीन से कराए गए, जबकि कागजों में जाब कार्ड धारकों के नाम पर मजदूरी दिखाकर सरकारी धन का बंदरबांट किया गया।
साथ ही, रोजगार सेवक पर अपने परिजनों के नाम जाब कार्ड जारी कराने का भी आरोप है। इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों से नाम सूची से काटने की धमकी देकर 15 से 20 हजार रुपये तक अवैध वसूली करने की बात भी कही गई है।
ग्राम प्रधान ने बीडीओ बिसंडा अंजली यादव से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराते हुए दोषियों के खिलाफ कानूनी व विभागीय कार्रवाई के साथ ही बिना कराए गए कार्यों में गबन की गई सरकारी धनराशि की रिकवरी कराने की मांग की है।
इस पूरे प्रकरण में पारिवारिक विवाद की बात भी सामने आई है। पूर्व में रोजगार सेवक और ग्राम प्रधान द्वारा एक-दूसरे पर आरोप लगाते हुए मुकदमे दर्ज कराए जा चुके हैं। इसके बावजूद मामले की जांच कराई जाएगी।
-अंजली यादव, खंड विकास अधिकारी, बिसंडा |