अशोक, फाइल फोटो
जागरण संवाददाता, बांदा। ई-रिक्शा चालक का शव किराये के मकान की छत से रेलिंग के बाहर लटका मिला। पुलिस ने घटनास्थल की जांच की। स्वजन आत्मघाती कदम उठाने की वजह नहीं बता पा रहे हैं।
हमीरपुर जिले के ग्राम हंदौत निवासी 42 वर्षीय अशोक अपने परिवार के साथ यहां शहर कोतवाली के झील का पुरवा में किराये के मकान में रहकर ई-रिक्शा चलाता था। बुधवार सुबह अन्य किरायेदारों को अशोक का शव छत में लगे पिलर से रेलिंग के बाहर रस्सी के फंदे से लटका मिला।
किरायेदारों ने स्वजन व पुलिस को घटना की सूचना दी। इससे सिविल लाइंस चौकी इंचार्ज आनंद साहू ने शव को फंदे से नीचे उतरवाया। दिवंगत हुए अशोक के भतीजे करन ने बताया कि रात में चाचा उसके साथ चारपाई में सो रहे थे। कितने समय वह उठकर फंदा लगाने गए हैं। इसकी जानकारी नहीं हो सकी।
घर में किसी तरह का विवाद भी नहीं हुआ है। इससे आत्महत्या करने की वजह पता नहीं चली है। घटना के समय पत्नी रामा व उनके दो बेटे, एक बेटी भी किराये के कमरे में सो रहे थे। पिता के नाम 35 बीघा जमीन है। इससे वह गांव में खेती करते हैं।
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