भुवनेश्वर के यूनिट-1 हाट में लगी आग
जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। राजधानी के यूनिट-1 हाट में लगी आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है। इसकी जानकारी मुख्य अग्निशमन अधिकारी ने दी। उन्होंने बताया कि प्लास्टिक सामग्री के कारण आग ने विकराल रूप ले लिया, जिसकी वजह से यह भीषण अग्निकांड हुआ। आग बुझाने के कार्य में करीब 70 अग्निशमन कर्मियों को लगाया गया था।
घटना देर रात करीब 1 बजे की है। कैपिटल थाना के पास स्थित यूनिट-1 हाट की एक दुकान में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने भयानक रूप धारण कर लिया। कोई कुछ समझ पाता, उससे पहले ही आग की लपटों में एक के बाद एक दुकानें जलने लगीं। इस अग्निकांड में करीब 25 दुकानें जलकर खाक हो गईं।
आग बुझाने के लिए कल्पना, तमनडो, सचिवालय, चंद्रशेखरपुर, बालिपटना और पहाल दमकल केंद्रों के साथ सेंट्रल स्ट्राइक फोर्स की टीमें मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। बताया जा रहा है कि एक प्लास्टिक की दुकान में आग लगने के कारण इसे नियंत्रित करने में दमकल कर्मियों को काफी परेशानी हुई।
करीब 20 फुट ऊंची लपटें उठती देख स्थानीय लोग, दुकान बंद कर घर लौट रहे व्यापारी और कैपिटल थाना की पुलिस भी हतप्रभ रह गई।
25 दुकानें जलकर खाक
यूनिट-1 हाट में हुए इस भीषण अग्निकांड में लगभग 25 दुकानें जल गईं। दुकानदारों का लाखों रुपये का सामान जलकर राख हो गया। सूचना मिलते ही अग्निशमन कर्मी मौके पर पहुंचे और आग बुझाने का काम शुरू किया।
आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि 70 से ज्यादा दमकल कर्मी भी हाट के अंदर प्रवेश नहीं कर पा रहे थे। अनुमान है कि करीब एक करोड़ रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ है। हालांकि आग लगने के कारणों का अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल सका है।
सूचना के अनुसार, कैपिटल थाना के पास स्थित भुवनेश्वर यूनिट-1 हाट के वेंडिंग ज़ोन और प्लास्टिक की दुकानों में आग लगी थी। एक दुकान में लगी आग तेजी से अन्य दुकानों में फैल गई। आग ने अपना रौद्र रूप दिखाते हुए एक के बाद एक दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी तेजी से फैली कि कोई कुछ कर नहीं सका।
घटना की खबर मिलते ही हाट के कई व्यापारी मौके पर पहुंच गए। भुवनेश्वर और आसपास के इलाकों से सभी दमकल केंद्रों को बुलाया गया। विभिन्न थानों के पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और पानी डालकर आग पर काबू पाने का प्रयास किया। रात करीब 3 बजे के आसपास आग कुछ हद तक नियंत्रित हुई।
हालांकि आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है, लेकिन आशंका जताई जा रही है कि गैस सिलेंडर फटने से यह हादसा हुआ होगा। अपनी आंखों के सामने दुकानों को जलते देख व्यापारी फूट-फूटकर रो पड़े।
किसी ने कर्ज लेकर दुकान में सामान भरा था तो किसी ने साहूकार से उधार लेकर माल खरीदा था। सब कुछ आंखों के सामने जलता देख दुकानदारों के लिए यह दृश्य असहनीय था। |
|