पीएम मोदी ने 3 नई अमृत भारत ट्रेनों को दिखाई हरी झंडी।
राजीव कुमार झा, कोलकाता। विधानसभा चुनाव से पहले बंगाल दौरे के लगातार दूसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को हुगली जिले के सिंगुर में जनसभा से पहले प्रशासनिक कार्यक्रम में लगभग 830 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। इसमें रेलवे, बंदरगाह व पोत परिवहन से जुड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाएं शामिल हैं।
इस दौरान पीएम ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए तीन नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को भी हरी झंडी दिखाई। जिनमें हावड़ा- आनंद बिहार टर्मिनल अमृत भारत एक्सप्रेस, सियालदह- बनारस अमृत भारत एक्सप्रेस और संतरागाछी- तांबरम अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेन शामिल हैं। पीएम ने कहा कि इन नई ट्रेनों की शुरुआत से लंबी दूरी के उत्तर एवं दक्षिण के महत्वपूर्ण केंद्रों से बंगाल का बेहतर संपर्क के साथ इससे व्यापार, वाणिज्य और यात्री आवागमन को बढ़ावा मिलेगा।
कल और आज मिलाकर बंगाल को आधा दर्जन नई अमृत भारत ट्रेनें मिलीं
इस दौरान पीएम ने उल्लेख किया कि कल देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन बंगाल से ही शुरू की गई। कल और आज मिलाकर बंगाल को लगभग आधा दर्जन नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनें भी मिलीं हैं। इनमें से एक अमृत भारत ट्रेन मेरे संसदीय क्षेत्र काशी (वाराणसी) के लिए भी है, जो बंगाल से काशी के बीच कनेक्टिविटी को और मजबूत करेगी।
नई अमृत भारत ट्रेनों को हरी झंडी दिखाए जाने के मौके पर हावड़ा के संतरागाछी स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में रेल राज्यमंत्री रवनीत सिंह बिट्टू, रेलवे बोर्ड के चेयरमैन सतीश कुमार व अन्य वरिष्ठ रेलवे अधिकारी उपस्थित रहे।
नई रेल लाइन का भी उद्घाटन किया
पीएम ने दक्षिण पूर्व रेलवे अंतर्गत जयरामबाटी- बरोगोपीनाथपुर- मयनापुर के बीच नई रेल लाइन का भी उद्घाटन किया। यह लाइन तारकेश्वर-बिष्णुपुर नई रेल लाइन परियोजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
नई रेल लाइन के साथ-साथ पीएम ने जयरामबाटी- मयनापुर के बीच चलने वाली एक नई पैसेंजर ट्रेन को भी हरी झंडी दिखाकर शुरू किया। इससे बांकुड़ा जिले के निवासियों को सीधी रेल कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे दैनिक यात्रियों, छात्रों और तीर्थयात्रियों के लिए यात्रा अधिक किफायती और सुविधाजनक हो जाएगी।
प्रधानमंत्री ने सिंगुर से हुगली जिले के बालागढ़ में विस्तारित बंदरगाह द्वार प्रणाली का भी शिलान्यास किया, जिसमें अंतर्देशीय जल परिवहन (आईडब्ल्यूटी) टर्मिनल और एक रोड ओवरब्रिज शामिल है। इस परियोजना के तहत बालागढ़ में लगभग 900 एकड़ क्षेत्र में एक आधुनिक कार्गो हैंडलिंग टर्मिनल विकसित किया जाएगा, जिसकी अनुमानित क्षमता लगभग 27 लाख टन प्रति वर्ष (एमटीपीए) है। इससे श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट, कोलकाता की क्षमता में विस्तार होगा। लॉजिस्टिक्स लागत में भी कमी आएगी।
अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक कैटामरान का भी लोकार्पण किया
प्रधानमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए कोलकाता में अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक कैटामरान का भी लोकार्पण किया। अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित व लिथियम-टाइटेनेट बैटरी तकनीक से लैस 50 यात्रियों की क्षमता वाला यह वातानुकूलित केबिन युक्त जलयान कोलकाता में हुगली नदी में शहरी जल परिवहन व पर्यावरण-पर्यटन में सहयोग प्रदान करेगा। यह कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा अंतर्देशीय जल परिवहन के लिए स्वदेशी रूप से निर्मित छह इलेक्ट्रिक कैटामरानों में से एक है।
पीएम ने कहा कि आज हम देश में मल्टी मॉडल कनेक्टिविटी पर जोर दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा बीते 11 वर्षों में श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट, कोलकाता के क्षमता विस्तार पर बहुत बड़ा निवेश किया गया है। इस पोर्ट की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए सागर माला स्कीम के तहत भी सड़के बनाई गईं हैं। इसका परिणाम आज हम सभी देख सकते हैं।
मालदा में 3,250 करोड़ की परियोजनाओं का किया था शुभारंभ
मालूम हो कि अप्रैल में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री का दो दिवसीय बंगाल दौरा न केवल विकास परियोजनाओं की दृष्टि से बल्कि राजनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है। सिंगुर से एक दिन पहले पीएम मोदी ने शनिवार को मालदा जिले में 3,250 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली विभिन्न रेल एवं सड़क परियोजनाओं की आधारशिला रखीं तथा कई परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित किया।
पीएम ने मालदा से हावड़ा-गुवाहाटी (कामाख्या) के बीच देश की पहली वंदे भारत स्लीपर सहित चार नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेन को भी हरी झंडी दिखाई थी। |
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