आवारा कुत्ते। जागरण
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। गणतंत्र दिवस की परेड को लेकर नई दिल्ली और पुरानी दिल्ली की सड़कों को सजाया जा रहा है। खासकर कर्तव्य पथ, तिलक मार्ग और सुभाष मार्ग पर विशेष तैयारियां हैं। इन मार्गों के रंग रोगन के साथ मरम्मत का कार्य तेज है। फुटपाथ और डिवाइडर की हरियाली को बेहतर किया जा रहा है।
इस क्रम में आवारा कुत्तों व बंदरों को भी पकड़ने का क्रम तेज है। एमसीडी के एक अधिकारी ने बताया कि आइटीओ से लाल किला तक का मार्ग एमसीडी के तहत आता है। वहां कुत्तों को पकड़ने के लिए टीमें लगाई गई है। इसी तरह, बंदरों की समस्या बहुत हैं तो उन्हें भी पकड़ा जा रहा है।
200 आवारा कुत्तों को पकड़ने का लक्ष्य
चांदनी चौक क्षेत्र में भिखारियों तथा बेघरों की समस्या अधिक है तो उन्हें हटाया जा रहा है। इस प्रक्रिया में पीडब्ल्यूडी, डूसिब समेत अन्य विभाग भी लगे हुए हैं। अधिकारी के अनुसार, परेड मार्ग व आस-पास के करीब 200 आवारा कुत्तों को पकड़ने का लक्ष्य है।
पहली बार परेड मार्ग पर आइटीओ से लाल किला तक तोरणद्वार लगाने की भी तैयारी है। इसके लिए चांदनी चौक के बाजार संगठनों से सहयोग मांगा गया है। इन तोरणद्वार पर वीर सेनानियों की भी तस्वीरें लगी होंगी। जो वहां से गुजरने वाली परेड के साथ आम लोगों में राष्ट्रभक्ति की भावना को और मजबूत करेगी।
आवारा कुत्तों से मुक्ति का अभियान वर्ष भर क्यों नहीं
स्थानीय निवासियों ने आवारा कुत्तों की समस्या को गंभीर बताते हुए कहा कि यह अभियान पूरे वर्ष क्यों नहीं चलते हैं। दिल्ली व्यापार महासंघ के अध्यक्ष देवराज बवेजा ने कहा कि पुरानी दिल्ली में न सिर्फ आवारा कुत्ते व बंदर बल्कि बेसहारा पशुओं की भी बड़ी समस्या है। उसकी शिकायतों पर कार्रवाई नहीं होती।
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