हरियाणा रोडवेज बस में लगानी पड़ेगी सीट बेल्ट। फाइल फोटो
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा रोडवेज की बसों के चालकों को अब अनिवार्य रूप से सीट बेल्ट लगानी पड़ेगी। सड़क पर वाहन चलाते समय अगर सीट बेल्ट नहीं लगाई तो न केवल जुर्माना लगाया जाएगा, बल्कि विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है। इसके अलावा किसी बस में सीट बेल्ट नहीं हुई तो संबंधित वर्कशाप मैनेजर पर कार्रवाई की जाएगी।
परिवहन निदेशालय की ओर से सभी रोडवेज महाप्रबंधकों को निर्देशित किया गया है कि आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें। यात्रियों और चालकों की सुरक्षा के लिए यह बेहद जरूरी है। सीट बेल्ट न लगाने पर ड्राइवर को एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है।
यदि बस में सीट बेल्ट नहीं है, तो इसके लिए ड्राइवर जिम्मेदार नहीं होगा, बल्कि वर्कशाप मैनेजर से जुर्माना वसूला जाएगा। आदेश जारी होने के बाद सभी डिपो की वर्कशाप में बसों में सीट बेल्ट लगाने का काम युद्ध स्तर पर शुरू हो गया है।
अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सड़क पर उतरने वाली हर बस सुरक्षा मानकों पर खरी उतरनी चाहिए। पुरानी हो या नई, सभी बसों में सीट बेल्ट की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
ई-बसों के लिए डिपो किए जा रहे तैयार
राज्य में इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के लिए बुनियादी ढांचा लगभग तैयार है। जल्द ही 500 और नई ई-बसें विभिन्न डिपो में पहुंच जाएंगी। सभी इलेक्ट्रिक बस डिपो से मार्च अंत तक इलेक्ट्रिक बसों का नियमित संचालन शुरू करने की योजना है।
सरकार का लक्ष्य आने वाले समय में रोडवेज के बेड़े में अधिक से अधिक इलेक्ट्रिक बसें जोड़ना है। इलेक्ट्रिक बसों के जरिये न केवल सार्वजनिक परिवहन को आकर्षक बनाया जाएगा, बल्कि निजी वाहनों पर निर्भरता भी घटेगी।
प्रदेश में चार्जिंग नेटवर्क को गति देने के लिए ऊर्जा विभाग को नोडल एजेंसी बनाया गया है। यह विभाग विभिन्न स्थानों पर चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की योजना पर काम कर रहा है, ताकि इलेक्ट्रिक वाहनों को चार्ज कराने में लोगों को परेशानी न हो। इस दिशा में निजी क्षेत्र और वाहन निर्माता कंपनियों के सहयोग को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। |
|