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मेंटल हेल्थ के लिए नया वेलनेस ट्रेंड है ओशन थेरेपी; लोग अब दवा नहीं, लहरों में ढूंढ़ रहे हैं सुकून

LHC0088 1 hour(s) ago views 68
  

कैसे काम करती है ओशन थेरेपी? (Picture Courtesy: Freepik)



लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में मानसिक थकान हमेशा रहने वाला साथी बन चुका है। घंटों की कंप्यूटर या फोन की स्क्रीन पर देखना, एक जगह बैठे रहना और काम का बढ़ता प्रेशर हमारे दिमाग को थका रहे हैं। ऐसे में मानसिक थकान को दूर करने के लिए एक वेलनेस ट्रेंड काफी चलन में आया है, जिसे ओशन थेरेपी (Ocean Therapy) कहते हैं।  

ओशन थेरेपी या ब्लू माइंड कॉनसेप्ट डिजिटल दुनिया की शोर से दूर समुद्र की लहरों के बाच मानसिक थकान दूर करने का एक तरीका है। लोग इसे काफी पसंद कर रहे हैं और असरदार भी बता रहे हैं। आइए जानें ओशन थेरेपी क्या होती है और कैसे यह मानसिक थकान से राहत दिलाने में मददगार (Benefits of Ocean Therapy) है।
क्या है ओशन थेरेपी?

ओशन थेरेपी में आपको किसी कमरे में बंद होकर थेरेपिस्ट से बात नहीं करनी है, बल्कि यह प्रकृति के साथ जुड़ने का एक आसान और वैज्ञानिक तरीका है। इसमें व्यक्ति समुद्र के किनारे समय बिताता है, लहरों को देखता है और पानी की आवाज में सुकून ढूंढ़ता है। दरअसल, जब हम विशाल नीले समंदर के पास होते हैं, तो हमारा दिमाग \“रेड माइंड\“ यानी तनाव की स्थिति से निकलकर \“ब्लू माइंड\“ यानी शांतिपूर्ण स्थिति में चला जाता है। इससे दिमाग को रिलैक्स करने का मौका मिलता है और आप अच्छा महसूस करते हैं।

  

(Picture Courtesy: Freepik)
मानसिक थकान कम करने में कैसे मिलती है मदद?

ओशन थेरेपी केवल घूमने-फिरने तक सीमित नहीं है, इसके पीछे ठोस मनोवैज्ञानिक कारण हैं, जैसे-  

  • लहरों की आवाज- समुद्र की लहरों की आवाज एक प्रकार का \“व्हाइट नॉइज\“ पैदा करती है, जो सीधे हमारे दिमाग के न्यूरॉन्स को शांत करती है। यह बेचैनी को कम करने और मेडिटेशन जैसी स्थिति पैदा करने में मदद करती है।
  • खुला माहौल- शहर की बंद दीवारों और छोटे केबिनों से निकलकर जब हम खुले आसमान को देखते हैं, तो हमारी सोच को विस्तार मिलता है। इससे मानसिक जकड़न और क्लस्ट्रोफोबिया जैसा तनाव कम होता है।
  • बेहतर नींद और कम तनाव- पानी के संपर्क में रहने से शरीर में तनाव बढ़ाने वाले हार्मोन कोर्टिसोल का स्तर गिरता है और खुशी महसूस कराने वाले हार्मोन सेरोटोनिन का स्तर बढ़ता है। इससे रात में नींद की गुणवत्ता में भी सुधार होता है।

क्यों ट्रेंड में है यह थेरेपी?

  • डिजिटल डिटॉक्स की जरूरत- लोग घंटों स्क्रीन से चिपके रहने के कारण डिजिटल बर्नआउट का शिकार हो रहे हैं। ओशन थेरेपी बिना किसी दवा के मानसिक संतुलन बनाने का एक प्राकृतिक और असरदार तरीका है।
  • प्राकृतिक उपचार की ओर झुकाव- ज्यादातर लोग अब आर्टिफिशियल तरीकों के बजाय आसान और प्राकृतिक उपायों को प्राथमिकता दे रहा है। समुद्र के किनारे बैठना एक ऐसा ही उपाय है।
  • विशेषज्ञों की सलाह- आज वेलनेस एक्सपर्ट्स और मनोवैज्ञानिक भी मानसिक स्वास्थ्य के लिए \“नेचर थेरेपी\“ की वकालत कर रहे हैं। काम के लंबे घंटों और भारी मानसिक दबाव के बीच समुद्र के पास बिताया गया थोड़ा सा समय भी व्यक्ति को तुरंत रिचार्ज कर देता है।

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