दिन में जब सूर्य देव की चमक बिखरी तो खिचड़ी मेला की रौनक और बढ़ गयी। मौसम के साथ झूले का आनंद लेते बच्चे। अभिनव राजन चतुर्वेदी
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। यूं तो गोरखनाथ मंदिर में परंपरागत खिचड़ी मेले की अनौपचारिक शुरुआत साल 2026 के पहले दिन से ही हो गई लेकिन इसपर औपचारिकता की मुहर मंकर संक्रांति के दिन यानी गुरुवार से लग गई। बुधवार से रौ में आया मेला गुरुवार को केवल औपचारिक ही नहीं हुआ बल्कि चरम पर पहुंच गया। लाखों श्रद्धालु बाबा गोरखनाथ के चरणों में खिचड़ी चढ़ाने के बाद मेला परिसर में पहुंचे और उसका जमकर लुत्फ उठाया।
मेले में मौजूद तरह-तरह के झूलों ने बच्चों और युवाओंं में रोमांच भरा तो घरेलू और श्रृंगार के सामान की दुकानों ने महिलाओंं को उनकी पसंद की चीजों को खरीदने का सुनहरा अवसर दिया। खानपान की स्थायी व अस्थायी दुकानों ने लोगों को पसंद के स्वाद की उपलब्धता सुनिश्चित की। झूलों में रेंजर, जाइंट व्हील, कोलंबस, टोरा-टोरा, टावर की विशेष पूछ रही। इन झूलों पर सवारी करने के लिए तड़के से लेकर देर रात तक कतार लगी रही।
रंग-बिरंगी लाइटों से सजे झूले बच्चों को विशेष रूप से आकर्षित कर रहे थे। बहुत से बच्चे उन पर झूलने के लिए अपने अभिभावकों से जिद कर रहे थे। अभिभावक बच्चों की उम्र को देखते हुए ज्यादा सुरक्षित झूले का चयन उनके लिए कर रहे थे। कुछ बच्चे जिद कर खिलौने की दुकानों पर अभिभावकों को ले जा रहे थे।
मौसम के साथ झूले का आनंद लेते बच्चे। जागरण
अपनी पसंद का खिलौना खरीदवा रहे थे। युवा गन शूटिंग की स्टाल पर अपना कुछ समय गुजार रहे थे। गुब्बारों पर निशाना लगा रहे थे। महिलाओं को आर्टिफिशियल आभूषण की दुकानें सर्वाधिक भा रही थीं। युवतियां तो मेले मेंं अधिकांश समय उन्हीं दुकानों पर गुजार रही थीं। बिना कुछ खरीदे वहां से नहीं जा रही थीं।
महिलाओं का जोर घरेलू सामान की दुकानों पर था। क्राकरी की दुकान पर विशेष भीड़ देखने को मिली। रंग-बिरंगी क्राकरी उन्हें खूब भा रही थी। किचेन सजाने की योजना के साथ वह उन्हें खरीद रही थीं। इसके लिए अपने साथियों को प्रेरित भी कर रहीं थी। मेला परिसर में लगी टेटू का स्टाल पर घंटेे-दर-घंटे लोगों की संख्या बढ़ रही थी।
मकर संक्रांति के अवसर पर बाबा गोरखनाथ को खिचड़ी चढ़ाने के लिए उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़। जागरण
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टेटू बनवाने के लिए युवकों व युवतियों लंबी कतार देखने को मिल रही थी। हाथ पर अपनी पसंद का टेटू बनवाकर युवक व युवती प्रफुल्लित नजर आ रहे थे। ऐसा करके वह अपने लिए मेले की सार्थकता सिद्ध कर रहे थे। कुछ युवा अस्थायी स्टूडियो में जाकर फोटो खिंचवा रहे थे और मेले में आने को लेकर अपनी यादों का पुख्ता प्रमाण-पत्र तैयार कर रहे थे।
खानपान की दुकानोंं में चटपटे चाट और चाऊमीन की दुकान पर विशेष भीड़ देखने को मिली। बहुत से युवा चाट के साथ फुलकी भी खा रहे थे, उसे दिन के भोजन के विकल्प के रूप में अपना स्वाद लगा रहे थे। दक्षिण भारतीय व्यंजन डोसा और इडली की दुकानों पर भी खासी भीड़ देखने को मिली। कुल मिलाकर मेले ने लोगों की खानपान की डिमांड जमकर पूरी की। |
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