मंगल पांडेय ने ममता पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया
राज्य ब्यूरो, पटना।West Bengal politics: बंगाल भाजपा के प्रभारी मंगल पाण्डेय ने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ईडी की छापेमारी मामले में असत्य बोलकर राज्य की जनता को गुमराह कर रही हैं। वे अपनी गैर-संवैधानिक कार्यों (जांच एजेंसी के काम में बाधा डालना आदि) को छुपाने के लिए पहले कोर्ट में हंगामा कराती हैं, फिर ईडी पर निराधार आरोप लगाकर अपना चेहरा बचाना चाहती हैं। Supreme Court notice सुप्रीम कोर्ट ने ममता, बंगाल के डीजीपी व पुलिस कमिश्नर को नोटिस जारी किया है। यह स्पष्ट है कि ममता सरकार ने ईडी की जांच में बाधा डाला है।
झूठ के सहारे बचाव की राजनीति
मंगल पांडेय ने कहा कि ईडी की कार्रवाई को राजनीतिक रंग देने की कोशिश ममता सरकार की पुरानी रणनीति है। वे जांच एजेंसियों के काम में बाधा डालने जैसे गैर-संवैधानिक कृत्यों को छिपाने के लिए पहले सड़कों पर और फिर अदालतों में हंगामा कराती हैं। इसके बाद ईडी पर निराधार आरोप लगाकर खुद को पीड़ित दिखाने की कोशिश करती हैं।
जांच एजेंसी के काम में बाधा का आरोप
भाजपा नेता ने कहा कि ममता सरकार का रवैया जांच एजेंसियों के प्रति सहयोगात्मक नहीं, बल्कि टकरावपूर्ण रहा है। ईडी की कार्रवाई के दौरान जिस तरह से बाधाएं खड़ी की गईं, वह लोकतांत्रिक व्यवस्था और कानून के शासन के खिलाफ है। उन्होंने इसे संवैधानिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली में सीधा हस्तक्षेप बताया।
सुप्रीम कोर्ट के नोटिस को बताया अहम संकेत
मंगल पांडेय ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, पश्चिम बंगाल के डीजीपी और पुलिस कमिश्नर को जारी नोटिस का हवाला देते हुए कहा कि यह स्पष्ट संकेत है कि मामले को शीर्ष अदालत ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने कहा कि नोटिस यह दर्शाता है कि जांच में बाधा डालने के आरोप महज राजनीतिक बयानबाजी नहीं हैं।
कानून से ऊपर नहीं कोई
भाजपा प्रभारी ने दो टूक कहा कि देश में कोई भी व्यक्ति या सरकार कानून से ऊपर नहीं है। चाहे वह मुख्यमंत्री ही क्यों न हो, यदि जांच एजेंसी के काम में बाधा डाली गई है, तो उसका जवाब देना होगा। उन्होंने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं को अपना काम स्वतंत्र रूप से करने देना चाहिए।
बंगाल की जनता के साथ विश्वासघात का आरोप
मंगल पांडेय ने कहा कि ममता बनर्जी लगातार ईडी और केंद्र सरकार पर आरोप लगाकर बंगाल की जनता का ध्यान मूल मुद्दों से भटका रही हैं। भ्रष्टाचार के आरोपों का जवाब देने के बजाय जनता को भावनात्मक मुद्दों में उलझाया जा रहा है, जो राज्य के हित में नहीं है।
भाजपा ने बताया राजनीतिक नौटंकी
भाजपा नेता ने ममता सरकार के विरोध प्रदर्शनों और बयानों को “राजनीतिक नौटंकी” करार दिया। उन्होंने कहा कि जब-जब जांच एजेंसियां भ्रष्टाचार के मामलों तक पहुंचती हैं, तब-तब तृणमूल कांग्रेस इसे राजनीतिक प्रतिशोध बताने लगती है।
संवैधानिक मूल्यों की रक्षा जरूरी
मंगल पांडेय ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए जरूरी है कि सभी सरकारें संवैधानिक मूल्यों का सम्मान करें। जांच एजेंसियों पर दबाव बनाना या उनके काम में बाधा डालना न केवल गलत है, बल्कि इससे जनता का भरोसा भी टूटता है।
ईडी जांच पर राजनीति नहीं, सहयोग की जरूरत
भाजपा प्रभारी ने अंत में कहा कि अगर सरकार निर्दोष है तो उसे जांच में सहयोग करना चाहिए, न कि सड़कों पर उतरकर या बयानबाजी कर माहौल को गर्म करना चाहिए। सच्चाई जांच से सामने आएगी और कानून अपना काम करेगा। |
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