LHC0088 • Yesterday 11:26 • views 1013
संघ के माधव भवन कार्यालय का लोकार्पण करते शारदा पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज, डा. कृष्ण गोपाल व अन्य।
जागरण संवाददाता, आगरा। शारदा पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज ने गुरुवार को कहा कि आगरा में कथा, प्रवचन और हवन किए हैं। माधव भवन से स्मृति जुड़ी हुई है। तबियत खराब थी, लेकिन इंजेक्शन लगवाया। माधव भवन से मोह हो गया। मोह से दूर रहने का उपदेश करते हैं।
पहले माधव भवन की जगह पर झाड़ियां थीं। राजा मंडी विद्यार्थी परिषद के कार्यालय के बाद यहां तलघर में दो तीन वर्ष एक कमरे में रहे। माधव भवन तुड़वाने पर बहुत तकलीफ हुई। बहुत सुंदर था पुराना भवन। नया भवन अपना नहीं लग रहा है, लेकिन बहुत सुंदर और हवादार बनाया है
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जयपुर हाउस स्थित माधव भवन का पुर्ननिर्माण के बाद लोकार्पण गुरुवार को किया गया। स्वस्ति वाचन और दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम शुरू। शारदा पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम जी महाराज और संघ के सह-सरकार्यवाह डा. कृष्ण गोपाल जी, विजय गोयल ने दीप प्रज्ज्वलन किया।
शारदा पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम जी महाराज ने कहा कि परिवार में विवाह के समय बहुत खर्चा होता है। पंडित जी से जल्दी करने को कहा जाता है। पंडित को 125 रुपये दक्षिणा देते हैं, लेकिन नाचने वाले मुसलमान को लाखों रुपए देते हैं।
शारदा पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम जी महाराज ने कहा कि जयपुर में हमारा मकान हवा महल के पीछे है। हवा महल हमारा पीछा नहीं छोड़ रहा है। संघ से भाजपा में गए लोगों को अधिक हवा लग गई है। सभी समस्या की जड़ सत्ता होती है। बहुत से लोगों की मत भिन्नता होगी। सत्ता जोड़ती नहीं, तोड़ती है। संघ कार्यालय बनना खुशी की बात है।
कार्यालय वो स्थान है जहां से कार्यकर्ता लय और ताल से आगे बढ़ें। माधव भवन से संघ का कार्यालय आगे बढ़ेगा। संघ पर प्रश्न खड़े किए जा रहे हैं। जिनका विश्लेषण कर बौद्धिक स्तर पर जवाब दिया जा सकेगा। संघ पर उठ रहे सवालों के जवाब में बौद्धिकता कम और भाव अधिक हैं। यहां कार्यकर्ता अध्ययन कर सकें, ऐसा हो।
मानव सेवा सबसे बड़ी है। संघ के कार्यकर्ताओं का बौद्धिक स्तर बढ़ाने को काम हो। माधव भवन से ज्ञान की आंधी निकले और संघ दर्शन, सनातन की चिंतन की धारा निकले जिससे विरोधियों को जवाब दिया जा सके। मेरे मन में वेदना है। सत्य के साथ खड़ा हूँ। हिन्दू समाज ने सोच रखा है कि हमें सुधरना नहीं है, लेकिन मैंने भी सुधारने का सोच रखा है।
आजकल बाबाओं के चुनाव लड़ने का फैशन चल गया है। बैंक, रजिस्टरी दफ्तर और सदन में बैठे साधु खराब लगते हैं। भगवा कपड़ा पहनकर संसद और विधानसभा में बैठते हैं, यह उचित नहीं दिखता।
संघ के सह सरकार्यवाह डा. कृष्ण गोपाल ने कहा कि वह यहां माधव भवन बनते समय विद्यार्थी परिषद के कार्यालय से मिट्टी खोदने आते थे। उस समय देश में संघ की शाखा आठ हजार थीं, आज 90 हजार हैं। युग के अनुसार आगे बढ़ना पड़ता है। समय की आवश्यकता है। माधव भवन बढ़ गया है।
उसके साथ अपनी भावनाओं को मत बदलना। सेवा के संकल्प के साथ आगे बढ़ना। सभी पुराने कार्यकर्ताओं के नेतृत्व और आशीर्वाद से संघ आगे बढ़ रहा है। |
|