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कफ सीरप तस्करी मामले में हैरान करने वाला खुलासा, कागजों में दवा की बिक्री और हकीकत में खुली मिलीं पेंट और डेरी की दुकानें

cy520520 2025-12-2 13:39:34 views 569
  



जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। कफ सीरप की तस्करी के मामले में भौतिक सत्यापन के दौरान हैरान करने वाली हकीकत सामने आई है। कागजों में जिन स्थानों पर दवाओं की होलसेल में बिक्री की जा रही थी, वहां भौतिक सत्यापन करने पर डेरी और पेंट की दुकानें खुली मिलीं। यानी बोगस फर्म बनाकर कफ सीरप की तस्करी की जा रही थी और विभाग आंखें मूंदकर बैठा रहा। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

पुलिस ने मेरठ रोड स्थित मछली गोदाम में तीन नवंबर को साढ़े तीन करोड़ रुपये के कफ सीरप के साथ आठ आरोपितों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में पता चला कि कफ सीरप की बांग्लादेश में तस्करी करने की तैयारी थी। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन उत्तर प्रदेश ने पूरे प्रदेश में कोडीन युक्त कफ सीरप एवं अन्य एडीपीएस श्रेणी की औषधि के अवैध क्रय - विक्रय और भंडारण की जांच के लिए दस औषधि निरीक्षकों की टीम गठित की।

जिले में कफ सीरप की होलसेल में बिक्री के लिए लाइसेंस लेने वाली फर्मों की जांच शुरू की गई। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ ने औषधि निरीक्षक से अब तक हुई जांच के बारे में विस्तार से जानकारी की तो पता चला कि लाइसेंस के तहत इंदिरापुरम में मैसर्स कुंज फार्मा का जिस स्थान पर संचालन किया जा रहा था, वहां पर पांच माह से बिजापुर डेरी चल रही है।

इंदिरापुरम में ही मैसर्स मेडिस्ट्रो बायोटैक फर्म बंद मिली और मौके पर मेडिक मेड नाम से फर्म चलती मिली। इंदिरापुरम में मेसर्स शिवम मेडिकल एजेंसी की जगह बताए गए पते पर पेंट की दुकान चलती मिली। इंदिरापुरम में ही मैसर्स एसके डिस्ट्रिब्यूटर फर्म बंद मिली। नई बस्ती स्थित मैसर्स अरनव फार्मा फर्म बंद मिली।

मोदीनगर में मैसर्स मथुरा मेडिकल एजेंसी फर्म, मुरादनगर में मैसर्स जय अंबे मेडिकोज फर्म, राजनगर में मैसर्स एसएन फार्मा फर्म बंद मिलीं। इनके अलावा कुछ फर्म खुली मिलीं, उनसे स्टाक का स्टेटमेंट लिया गया है। ड्रग इंस्पेक्टर आशुतोष मिश्र ने बताया कि जो फर्में सत्यापन के दौरान बंद मिलीं या फिर कारण बताओ नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं दे सकीं, ऐसी 14 फर्माो के लाइसेंस निरस्त करने के लिए 27 नवंबर को औषधि अनुज्ञापन एवं नियंत्रण प्राधिकारी को पत्र भेजा गया है।

इसके अलावा साहिबाबाद स्थित कैडिज लाइफ साइंसिस की जांच करने पर पता चला कि फर्म द्वारा पूरे देश में कोडीन युक्त कफ सिरप लाइकरैक्स-टी का विक्रय किया गया है। साहिबाबाद में ही स्थित एस्ले फार्मोटेक प्राइवेट लिमिटेड की जांच में पता चला कि फर्म द्वारा पूरे देश में कोडीन युक्त कफ सिरप रैक्सले-टी का विक्रय किया गया है।

नवयुग मार्केट स्थित ओबसर्ग बायोटेक लिमिटेड फर्म के द्वारा पूरे देश में कोडीन युक्त कफ सिरप सपकोफ - टी का विक्रय किया गया है। जांच पूरी होने व अग्रिम कार्यवाही होने तक ड्रग एंड कास्मेटिक एक्ट की धारा 22 (1) के अधिकारों का प्रयोग करते हुए नारकोटिक एवं साइकोट्रोपिक श्रेणी की सभी औषधियों का विक्रय कार्य तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है।





एनडीपीएस श्रेणी के अवैध व्यापार में लिप्त औषधि विक्रेता व अन्य को किसी भी प्रकार बख्शा न जाएं, आरोपितों पर कार्रवाई करते हुए उनको कड़ी सजा दिलाई जाए। यदि कोई भी व्यक्ति या फर्म का एनडीपीएस श्रेणी के अवैध व्यापार में दोषी पाए जाने का पुराना रिकार्ड हो तो संबंधित के खिलाफ गैंग्स्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जाए।  
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- रविंद्र कुमार मांदड़, जिलाधिकारी
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