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शिमला-कालका ट्रेन में सफर के लिए गजब उत्साह, सभी रेलगाड़ियां एक महीने के लिए बुक, आखिर क्यों है सैलानियों की पहली पसंद?

Chikheang 2025-11-6 11:07:06 views 1218
  

शिमला-कालका धरोहर ट्रैक पर दौड़ती ट्रेन। जागरण आर्काइव  



जागरण संवाददाता, शिमला। आप शिमला में क्रिसमिस मनाने या फिर नए साल का स्वागत करने के लिए कालका-शिमला रेलवे ट्रैक से आना चाहते हैं तो आप के पास अभी बुकिंग करवाने का मौका है। अभी तक यह ट्रेन तीन दिसंबर तक बुक है, इसके बाद की बुकिंग चल रही है। कालका-शिमला के बीच चलने वाली सभी ट्रेनें तीन दिसंबर तक बुक हैं।  विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
पांच ट्रेन आ रही हैं शिमला, चल सकती है स्पेशल गाड़ी

कालका से शिमला के लिए रोजाना पांच ट्रेनें आ रही हैं, इतनी ही वापस जाती हैं। दिसंबर में स्पेशल ट्रेन भी शुरू हो सकती है। 15 दिसंबर के बाद स्पेशल ट्रेन शुरू होती हैं। ट्रेन में आम से लेकर खास तक के लिए यात्रा की सुविधा है।  
650 रुपये है विस्टाडोम का किराया

इस ट्रैक पर विस्टाडोम से लेकर सामान्य किराये की ट्रेन में यात्रा करने की सुविधा है। विस्टाडोम का किराया 630 और शिवालिक डीलक्स एक्सप्रेस में 510 रुपये है। कालका से शिमला के बीच साधारण किराया 50 रुपये है।  
सर्दियों में रेल यात्रा आकर्षण

पहाड़ी रेल यात्रा का आकर्षण हर साल सर्दियों में और ज्यादा हो जाता है। चारों ओर धुंध और ठंडी हवाओं के बीच ट्रेन पहाड़ों को चीरती हुई आती है। पर्यटक इस नजारे को बहुत ज्यादा पसंद करते है।  
दिल्ली व हरियाणा से पहुंच रहे पर्यटक

राजधानी शिमला में ट्रेन में छुट्टियों और वीकेंड पर यात्रियों की संख्या बहुत ज्यादा है। दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान जैसे राज्यों से बड़ी संख्या में पर्यटक इस मौसम में शिमला पहुंच रहे हैं।  
टॉय ट्रेन का अनुभव लेने आते हैं सैलानी

बहुत से सैलानी विशेष रूप से इस टॉय ट्रेन यात्रा का अनुभव लेने आते हैं। पहाड़ पर सुहावने सफर का आनंद लेने के लिए रेलगाड़ी के सफर को पर्यटक अधिक पसंद कर रहे हैं। पिछले साल भी नए साल का स्वागत करने के लिए काफी संख्या में सेलानी शिमला पहुंचे थे।
103 सुरंगें बनाती हैं सफर रोमांचक

कालका-शिमला रेल मार्ग पर स्थित 103 सुरंगें पर्यटकों के सफर को काफी रोमांचक बना देती हैं। अधिकतर पर्यटक पारदर्शी डिब्बों में वादियों को निहारते हुए शिमला आना चाहते हैं। हालांकि रेलगाड़ी से शिमला पहुंचने के लिए बस व निजी वाहन से दोगुना समय लगता है, लेकिन पर्यटक रेलगाड़ी के सफर को अधिक पसंद कर रहे हैं। सड़कों पर यातायात जाम और खुद वाहन चलाने की थकान से बचने के लिए भी पर्यटक रेलगाड़ी को प्राथमिकता देते हैं। करीब 96 किलोमीटर लंबे शिमला-कालका रेलमार्ग पर पांच रेलगाड़ी चलती हैं।
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