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दिल्ली के ऐसे हालात! हर तरफ खतरे में लोगों की जान; खराब लिफ्ट और एस्केलेटर की तस्वीरें बयां कर रही सच्चाई

Chikheang 3 hour(s) ago views 851
  

आनंद विहार में फुटओवर ब्रिज का खराब पड़ा एस्केलेटर। जागरण



मोहम्मदस साकिब, नई दिल्ली। दिल्ली में सड़क हादसों में पैदल यात्रियों की बढ़ती मौतों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से दिल्ली सरकार ने हाल ही में संवेदनशील सड़कों पर करोड़ों की लागत से आठ नए फुटओवर ब्रिज बनाए जाने की मंजूरी दी है।

सरकार को उम्मीद है कि नए एफओबी के निर्माण से सड़क पार करने वाले पैदल यात्रियों की मौत के आंकड़ों में कमी आएगी, लेकिन सरकार का ध्यान पहले से बदहाल पड़े एफओबी या व्यवस्थित एफओबी पर नहीं है, जिनका लोग उपयोग नहीं कर रहे हैं।

वहीं, समय बचाने के लिए लोग लापरवाही से जान जोखिम में डालकर सड़क पार कर रहे हैं, जिससे हादसे का खतरा रहता है। ऐसे में सरकार को राजधानी में पहले से बने 100 एफओबी व सबवे पर ध्यान देने की आवश्यकता है, नहीं तो नए एफओबी भी कुछ समय में बदहाल होते दिखेंगे।

  

शाहदरा जीटी रोड पर श्याम लाल कॉलेज के पास स्थित फुटओवर ब्रिज में लिफ्ट के स्थान पर वेल्डिंग कर रास्ता बंद किया हुआ है। जागरण

उधर, दूसरी ओर राजधानी में पहले से बने एफओबी व सबवे वर्तमान स्थिति में रखरखाव न होने की वजह से बदहाली के आंसू बहा रहे हैं। इनमें 12 एफओबी में लिफ्ट और एस्केलेटर लगे हैं, लेकिन ये भी खराब हो गए हैं।

राजधानी में एफओबी की स्थिति को लेकर पड़ताल की गई तो पता चला कि कहीं एफओबी अतिक्रमण की चपेट में हैं, तो कहीं यह नशा करने वालों का अड्डा बन चुके हैं, जिनके डर से लोग मजबूरन लापरवाही ट्रैफिक के बीच सड़क पार करने को मजबूर हैं।

वहीं, लिफ्ट और एस्केलेटर खराब होने के कारण खासकर बुजुर्गों, बच्चों, बीमार व महिलाओं को खासी परेशानी हो रही है, जिससे उन्हें लंबी सीढ़ियों को पार कर सड़क के दूसरी जाने को मजबूर होना पड़ रहा है।
एस्केलेटर चलती नहीं, एफओबी बना है बाजार

आनंद विहार एफओबी रोड पार करने के लिए बनाया गया था लेकिन अब इसपर अतिक्रमण कर दुकान लगाने वालों का कब्जा है। इसके अलावा यहां लगी स्वचालित सीढ़ियां भी बंद मिले। इसके चलते बुजुर्ग और महिलाओं को एफओबी का प्रयोग करने में परेशानी होती दिखी।

पीडब्ल्यूडी ने कई बार यहां अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई तो की है, लेकिन हर बार दो दिन बाद ही दोबारा हालात जस के तस हो जाते हैं।

  

स्वामी दयानंद मार्ग पर विश्वास नगर के पास बने फुटओवर ब्रिज पर जगह -जगह से गायब शेड। जागरण

उधर, श्याम लाल कालेज के पास बने एफओबी की लिफ्ट खराब मिली। इसके चलते लोग इस एफओबी का प्रयोग ही नहीं करते दिखे और खतरे में जान डालकर ट्रैफिक के बीच से सड़क पार करते मिले। स्थानीय लोगों ने बताया कि पहले यहां लिफ्ट लगी थी लेकिन खराब होने के बाद लिफ्ट बंद है। इसे ठीक ही नहीं करवाया गया है।
कालकाजी और अरबिंदो मार्ग फुटओवर ब्रिज पर लिफ्ट खराब

दक्षिणी दिल्ली के कालकाजी मंदिर के पास बने फुटओवर ब्रिज पर लिफ्ट तो लगी लेकिन चालू हालत में नहीं मिली। इसके चलते लोग लिफ्ट का इस्तेमाल नहीं कर पा रहे। लिफ्ट खराब होने की वजह से लोगों को फुटओवर ब्रिज सीढ़ियों से पार करना पड़ रहा है। इससे सबसे ज्यादा परेशानी बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को हो रही है।

इस जगह मेट्रो के दो बड़े इंटरचेंज और कालकाजी मंदिर स्थित हैं, ऐसे में सुबह से शाम तक आने-जाने वाले खासी आवाजाही रहती है। मंदिर के लिए आने वालों में महिलाओं और बुजर्गों की संख्या ज्यादा रहती है और उन्हें सड़क के दूसरी ओर जाने में खासी दिक्कत उठानी पड़ती है।

  

रानी झांसी रोड झंडेवाला देवी मंदिर के सामने बना फुटओवर ब्रिज जो बदहाल है और जगह-जगह से टूटा पड़ा है। इसमें लिफ्ट आजतक चालू नहीं हो सकी। ध्रुव कुमार

उधर, अरबिंदो मार्ग पर डीडीए मार्केट आजाद अपार्टमेंट के पास फुटओवर ब्रिज की लिफ्ट कई महीनों से खराब मिली। ऐसे में दुकानदारों, व्यापारियों और मार्केट आने-जाने वालों को परेशानी हो रही है। लोगों का कहना है कि फुटओवर ब्रिज पर लिफ्ट होने के बावजूद इसका उपयोग नहीं कर पा रहे हैं।

वहीं, मथुरा रोड पर आश्रम अंडरपास के पास बने फुटओवर ब्रिज पर एस्केलेटर कई महीनों से खराब पड़ा है, लेकिन लिफ्ट चल रही है। सराय काले खां के पास गुरुद्वारा बाला साहिब के पास बने फुटओवर ब्रिज की सीढ़ियों पर लगे पत्थर टूटे हुए हैं, जिनसे हादसों की आशंका बनी हुई है।
छह माह से बंद पड़ी है लिफ्ट, फिर भी ध्यान नहीं

बाहरी रिंग रोड पर जहांगीरपुरी फुट ओवर ब्रिज की लिफ्ट लगभग छह माह से बंद पड़ी है। पिछले तीन साल के दौरान दो बार इस एफओबी की रेलिंग, ग्रिल व लिफ्ट का सामान चोरी हो चुका है। इस वजह से एफओबी की लिफ्ट अक्सर खराब ही रहती है।

  

रानी झांसी रोड झंडेवाला देवी मंदिर के सामने बना फुटओवर ब्रिज जो बदहाल है और जगह-जगह से टूटा पड़ा है। लिफ्ट वाली जगह पर लगा लोहे का जाल व गली पड़ी लोहे की चादर जो किसी हादसे को दावत दे रही है। ध्रुव कुमार

बता दें कि हालात इतने बदतर हो गए हैं कि एफओबी अब नशा करने वालों का अड्डा बन चुका है। शाम के समय अकसर यहां लोग जमा होकर नशा करते हैं, जिनके डर से लोग सीढ़ियां चढ़कर सड़क पार करने से डरते हैं।
नई दिल्ली जैसे इलाकों में भी हालात बदतर

मथुरा रोड स्थित चिड़ियाघर के समीप बने एफओबी की एस्केलेटर खराब मिली, जहां उसे ठीक करने के लिए कार्य किया जा रहा था। पूछताछ में पता चला कि तीन दिन पहले शार्ट सर्किट के कारण एस्केलेटर काम करना बंद कर दिया था। वहीं इसी रोड पर भारत मंडपम के सामने बने एफओबी की लिफ्ट खराब मिली, जिससे लोग मजबूरन सीढ़ियां चढ़कर सड़क पार करने को मजबूर दिखे।

  

मथुरा रोड स्थित भैरो मार्ग के समीप फुटओवर का खराब एक्सलेटर। चंद्र प्रकाश मिश्र

वहीं, भैरों मार्ग समीप बने एफओबी का भी एस्केलेटर खराब अवस्था में मिला। उधर सबसे व्यस्त आइटीओ पर बने एफओबी पर एस्केलेटर नए सिरा से बनाया जा रहा है। पूछताछ में पता चला कि यह पिछले चार महीने से खराब था।
यातायात पुलिस अभियान चलाकर कर रही जागरूक

दिल्ली में बीते वर्ष 2,192 सड़क हादसों में 649 पैदल यात्रियों की जान गई थी। इनमें से कई सड़कों को पार करने के दौरान मारे गए। ऐसे में यातायात पुलिस भी सड़क सुरक्षा अभियान चलाकर लोगों को एफओबी व सबवे का उपयोग करने को लेकर जागरूक कर रही है। स्कूलों, कालेजों, बस डिपो व रेड लाइट पर लोगों को लापरवाही से सड़क पार न करने और जेब्रा क्रासिंग का पालन करने को लेकर जागरूक किया जा रहा है।

  

आइटीओ के समीप विकास मार्ग स्थित फुटओवर ब्रिज पर एक्सलेटर लगाने का चल रहा कार्य। चंद्र प्रकाश मिश्र

यातायात पुलिस के विशेष आयुक्त नीरज ठाकुर के मुताबिक, दिल्ली में लगातार सड़क सुरक्षा को लेकर अभियान चलाए जा रहे हैं, जिसका उद्देश्य लोगों को जागरूक करना है, जिससे सड़क हादसों में मौत के आंकड़े में कमी आ सके।
लोग क्यों नहीं कर रहे एफओबी का उपयोग

गुरू हनुमान सोसाइटी आफ इंडिया के राष्ट्रीय महासचिव और सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ अतुल रणजीत कुमार ने बताया कि एफओबी का उपयोग न करना लाेगों की लापरवाही को दर्शाता है। आज के समय में लोग शारीरिक रूप से कमजोर हो चुके हैं इसलिए लिफ्ट या एस्केलेटर खराब होने के चलते सीढ़ियां चढ़ने से घबराते हैं।

इसके अलावा नशेड़ी एफओबी के आसपास लगी रेलिंग तोड़कर बेच देते हैं, जिससे लोगों का सड़क पार करने का रास्ता खुल जाता है। वहीं एफओबी पर नशेड़ियों का अड्डा, लिफ्ट व एस्केलेटर खराब होना, एंट्री व एग्जिट पाइंट्स पर अतिक्रमण और एफओबी पर लाइट की व्यवस्था न होना भी बड़ा कारण है।
एफओबी के उपयोग के लिए क्या कदम उठाए जाने चाहिए

  • एफओबी के आसपास की सड़क पर टूटी हुई रेलिंग को ठीक किया जाना चाहिए
  • एफओबी के आसपास सड़क के दो सौ मीटर पर ऐसे डिवाइडर लगाए जाने चाहिएं जिससे लोग कूदकर सड़क पार न कर सकें
  • एफओबी पर बीट पुलिसिंग मजबूत की जाए, जिससे एफओबी पर अतिक्रमण व नशेड़ियाें का अड्डा न बन सके
  • एफओबी पर लाइटिंग व्यवस्था पर्याप्त होनी चाहिए ताकि महिलाएं व बच्चे खुद काे सुरक्षित महसूस करें
  • एफओबी पर खराब पड़ी लिफ्ट व एस्केलेटर को ठीक किया जाए
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