India Russia Oil Deal: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूएस-इंडिया ट्रेड डील का ऐलान करते समय कहा था कि भारत आगे चलकर रूस से तेल खरीदना बंद कर देगा. ट्रंप के इस बयान के बाद सभी को भारत सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार था. भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने शनिवार को साफ किया कि रूस से तेल खरीदने को लेकर भारत की नीति में कोई बदलाव नहीं हुआ है. विदेश मंत्रालय ने दोहराया कि देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करना सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है.
गौरतलब है कि लंबे बातचीत के बाद बीते दिनों ही ट्रंप ने इस ट्रेड डील की घोषणा की थी. साथ ही भारत पर लगाए टैरिफ को भी घटाकर 18% करने का ऐलान किया था. अब द्विपक्षीय ट्रेड डील की आधिकारिक घोषणा हो गई है. दोनों देशों ने साथ मिलकर एक प्रेस रिलीज जारी किया है.

रूसी तेलों पर आया MEA का बयान
MEA ने रूसी तेल को लेकर कहा, "जहां तक भारत की ऊर्जा सोर्सिंग का सवाल है, सरकार ने कई मौकों पर सार्वजनिक रूप से कहा है कि 1.4 अरब भारतीयों की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. वस्तुनिष्ठ बाजार की स्थितियों और उभरती अंतर्राष्ट्रीय गतिशीलता को ध्यान में रखते हुए हमारी ऊर्जा सोर्सिंग में विविधता लाना यह सुनिश्चित करने की हमारी रणनीति के मूल में है. भारत के सभी कदम इसी को ध्यान में रखकर उठाए गए हैं और उठाए जाएंगे."
किसान और डेयरी सेक्टर पूरी तरह सुरक्षित
पीयूष गोयल ने स्पष्ट किया कि इस समझौते में भारतीय किसानों और ग्रामीण आजीविका के हितों से कोई समझौता नहीं किया गया है. पीयूष गोयल ने फ्रेमवर्क का स्वागत करते हुए कहा कि किसानों, मछुआरों और एमएसएमई को लाभ होगा. गेहूं, चावल, दूध, पनीर, सब्जियां और मांस जैसे कृषि और डेयरी उत्पादों को पूरी तरह संरक्षित रखा गया है.
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