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झाझा रेलवे स्टेशन पर तैयारी में जुटे रेल अधिकारी।
संवाद सूत्र, झाझा (जमुई)। 13 फरवरी को दानापुर डिवीजन की ओर से झाझा रेलवे स्टेशन के डाउन यार्ड स्थित वाशिंग पिट के पास ट्रेन दुर्घटना का मॉक ड्रिल किया जाएगा। इसे लेकर गुरुवार को एडीआरएम राजीव कुमार अन्य डिवीजन अधिकारियों के साथ मॉक ड्रिल स्थल पर पहुंचे और तैयारियों का जायजा लिया। जिस कोच को दुर्घटनाग्रस्त दिखाया जाएगा, वह भी मौके पर लाया गया है।
निरीक्षण के बाद मेमू शेड में रेलवे अधिकारियों, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, रेल पुलिस, आरपीएफ, चिकित्सकों सहित सभी संबंधित विभागों के पदाधिकारियों की बैठक हुई। बैठक में मॉक ड्रिल के दौरान की जाने वाली प्रत्येक गतिविधि और तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई। ड्रिल का समय पूरी तरह गोपनीय रखा गया है। किसी भी विभाग को पूर्व सूचना नहीं दी गई है।
ड्रिल के दौरान किसी भी समय दुर्घटना का हूटर बज सकता है, और इसकी सूचना रेलवे के सभी कार्यालयों तक पहुंच जाएगी। इस अभ्यास का उद्देश्य यह परखना है कि संबंधित अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कितनी तत्परता से कर रहे हैं। कम समय में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, मेडिकल टीम, कैरेज वैगन विभाग की टीमें दुर्घटनास्थल पर पहुंचकर यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालेंगी और राहत-बचाव कार्य शुरू करेंगी।
मॉक ड्रिल में दो पुरानी कोचों का उपयोग किया जाएगा, ताकि एक कोच के दूसरे कोच पर चढ़ जाने की स्थिति में यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने और उन्हें चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराने की प्रक्रिया का अभ्यास किया जा सके। अधिकारियों ने सभी विभागों के प्रभारियों को विशेष सतर्क रहने का निर्देश दिया है।
इस अवसर पर डीईई पंकज पासवान, स्टेशन प्रबंधक रवि माथुरी, ट्रैफिक निरीक्षक रवि गुप्ता, आरपीएफ इंस्पेक्टर अनीता कुमारी सहित कई रेलवे अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे। मॉक ड्रिल के दौरान दुर्घटना की सूचना मिलते ही स्टेशन पर हूटर बजेगा। स्टेशन मास्टर रेलवे कंट्रोल रूम को सूचना देंगे और स्थानीय पुलिस, सरकारी अस्पताल व निजी चिकित्सकों को भी अवगत कराएंगे।
आरपीएफ और स्थानीय पुलिस घटनास्थल को सील करेंगे। स्काउट-गाइड और राहत कर्मी ट्रेन में फंसे यात्रियों को बाहर निकालकर चिकित्सकों तक पहुंचाएंगे।लगभग पांच घंटे तक चलने वाली इस मॉक ड्रिल में रेलवे की आपदा प्रबंधन क्षमता का वास्तविक परीक्षण किया जाएगा। |
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