प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर। (जागरण)
राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार की सड़काें के रख रखाव को लेकर बनी मेंटेनेंस पालिसी के क्रियान्वयन के लिए राशि की अनुमति का मामला लोक वित्त तक पहुंच गया है।
वहीं, अब एनएच के रख रखाव को ले भी बड़े स्तर पर कवायद आरंभ होने वाली है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने मानसून के समय एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारियों को यह हिदायत दी थी कि एनएच का एक किमी हिस्सा भी बगैर रख रखाव के नहीं रहना चाहिए।
अब सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा इस बाबत तैयार रिपोर्ट को देखा जा रहा। बिहार में दो श्रेणी के तहत क्रमश: 162 किमी तथा 118 किमी एनएच पर रख-रखाव का काम होना है। रख-रखाव के निर्देश पर किस तरह से काम हुआ इसे समझा जा रहा।
एनएच की सड़कों का रख रखाव एनएच के लिए 2025-26 के एक्शन प्लान का हिस्सा है। इस क्रम में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय राज्य में स्थित सभी एनएच की वर्तमान स्थिति पर रिपोर्ट मांगी थी। इसके आधार पर एनएच के मेंटेनेंस को ले काम होना है। एनएच की वर्तमान स्थिति की रिपोर्ट के आधार पर ही रख रखाव को ले राशि आवंटित होनी है।
एनएच के रख रखाव को ले यह नयी व्यवस्था लागू होनी है कि कम से कम 50 किमी का कॉरिडोर बनाकर उस पर काम किया जाए।
उच्च प्राथमिकता वाले प्रोजेक्ट के काम की मंजूरी में तीव्रता बरतने की भी हिदायत है। यह व्यवस्था की जा रही है कि जिन सड़कों डिफेक्ट लायबिलिटी पीरियड (डीएलपी) जैसे ही खत्म हो जा रहा वैसे ही उसके रख रखाव की योजना पर काम आरंभ हो जाए। |
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