मृतक विरमा देवी का फाइल फोटो
जागरण संवाददाता, आगरा। घर की छत पर सूख चुके कपड़े उठाने गई महिला पर बंदरों के झुंड ने हमला बोल दिया। अचानक हुए हमले में बंदरों के धक्के से महिला पड़ोसी के मकान में जा गिरीं, जिससे उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई।
नगर निगम प्रशासन के प्रति मोहल्ले के लोगों में आक्रोश नजर आया। बंदरों के उत्पात से स्थानीय लोग परेशान हैं। डर के कारण लोगों ने अपनी छतों पर जाना छोड़ दिया है। शाहगंज के वेस्ट अर्जुन नगर में रहने वालीं 62 वर्षीय विरमा देवी बुधवार दोपहर दो बजे सूख चुके कपड़ों को छत पर उठाने के लिए गई थीं।
इसी बीच 15-20 बंदरों के झुंड ने उनके ऊपर अचानक हमला बोल दिया। बंदरों का धक्का लगने से वह मकान के पीछे बने परमा डेयरी वालों के घर में जमीन पर गिर पड़ीं। तीसरी मंजिल की छत से गिरने के कारण महिला की मौके पर ही मृत्यु हो गई।
हादसे की जानकारी मिलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। घर में मातम छा गया। बहू क्षमा कुमारी ने बताया, सास विरमा देवी छत पर कपड़े उठाने के लिए गई थीं। अचानक बंदरों ने हमला बोल दिया।
महिला की मृत्यु से स्वजन व स्थानीय लोग नगर निगम की उदासीनता से नाराज नजर आए। गुरुवार को महिला के शव का अंतिम संस्कार किया गया। कृष्णा तिवारी ने बताया, बंदरों के कारण स्थानीय लोग डर के साये में जी रहे हैं।
लोगों ने घरों की छत पर जाना छोड़ दिया है। करीब एक वर्ष पहले भी बंदरों के हमले के कारण मोहल्ले में एक महिला की मृत्यु हो गई थी। नगर निगम में शिकायत करने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ। इंस्पेक्टर शाहगंज विरेश पाल गिरी ने बताया कि स्वजन की ओर से इस संबंध में सूचना नहीं दी गई है।
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