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Srinagar News: 11-12 अक्टूबर को डल झील किनारे होगा कश्मीर साहित्य महोत्सव, LG मनोज सिन्हा करेंगे उद्घाटन

deltin33 2025-10-5 12:05:53 views 1266
  कश्मीर साहित्य महोत्सव 2025 का उद्घाटन करेंगे उपराज्यपाल मनोज सिन्हा। फाइल फोटो





राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। कश्मीर समेत अगर पूरे देश के साहित्य और कला से अवगत होना है तो फिर चले आइए कश्मीर, जहां 11-12 अक्टूबर को डल झील किनारे स्थित शेरे कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में कश्मीर साहित्य महोत्सव (केएलएफ) 2025 होने जा रहा है। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

श्रीकुला फाउंडेशन द्वारा आयोजित इस महोत्सव का उद्घाटन उपराज्यपाल मनोज सिन्हा करेंगे। केएलएफ में साहित्य, विचारों और संवाद का उत्सव होगा,जिसमें प्रसिद्ध लेखकों, कवियों, पत्रकारों, विचारकों और कलाकारों को एक मंच पर देखने-सुनने का अवसर मिलेगा।



इसमें कला-साहित्य से संबंधित विभिन्न विषयों पर सत्र, पैनल चर्चा, पुस्तक विमोचन, कविता पाठ और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी।

श्रीकुला फाउंडेशन की नायरा मंज़ूर ने ने हा कि कश्मीर साहित्य महोत्सव के माध्यम से, श्रीकुला फाउंडेशन कश्मीर की समृद्ध साहित्यिक विरासत को संरक्षित, सम्मानित और प्रचारित करने का प्रयास कर रहा है।

यह महोत्सव अपने लेखकों, कवियों और कहानीकारों को व्यापक दर्शकों तक पहुंचने के लिए एक मंच प्रदान करता है, साथ ही यह सुनिश्चित करता है कि घाटी की अनूठी आवाज़ें, परंपराएं और कथाएँ आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहें।



आयोजन टीम के सदस्य जहानजेब अल्लाकबंद ने कहा कि कश्मीर साहित्य महोत्सव घाटी के हृदय स्थल में शब्दों, विचारों और संस्कृति का उत्सव है। यह केवल लेखकों और विचारकों का एक समागम ही नहीं है, बल्कि एक जीवंत मंच है जहां कहानियां जीवंत होती हैं, आवाजें सुनी जाती हैं और संवाद समुदायों को जोड़ते हैं।

साहित्य, कला, इतिहास और समकालीन विचारों पर आधारित सत्रों के साथ, केएलएफ विविध दृष्टिकोणों को एक मंच प्रदान करते हुए उभरती प्रतिभाओं को पोषित करने का प्रयास है।



आयोजन टीम की ऐश्वर्या अत्री ने कहा कि कश्मीर साहित्य महोत्सव एक ऐसा मंच है जहाँ हर कहानी मायने रखती है, हर आवाज़ गूंजती है, और घाटी की साहित्यिक भावना को उसकी विविधता में मनाया जाता है।

यह सिर्फ किताबों के बारे में नहीं है, यह आवाज़ों का जश्न मनाने, युवा प्रतिभाओं को निखारने और कहानी कहने की शक्ति के माध्यम से समझ के पुल बनाने के बारे में है।

केएलएफ 2025 में विविध क्षेत्रों के 50 से ज्यादा प्रतिष्ठित वक्ता और लेखक भाग ले रहे हैं। इसमें समकालीन साहित्य, इतिहास, मीडिया, कला, तकनीक और सांस्कृतिक विरासत पर सत्र होंगे।



युवा आवाजों, महिला लेखकों और कश्मीरी साहित्य पर विशेष आयोजन होंगे।, कला प्रदर्शनी और कश्मीर की समृद्ध परंपराओं को प्रदर्शित करने वाले भव्य कार्यक्रम भी देखने को मिलेंगे।
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