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दीपावली करीब और काफी लोग पड़ने लगे बीमार, डॉक्टर ने बताया आप कैसे कर सकते हैं अपने परिवार का बचाव

deltin33 2025-10-15 22:07:33 views 1253
  



संवाद सहयोगी, संभल। अब बदलते मौसम में लोग बीमार पड़ रहे हैं। वायरल फीवर, टाइफाइड, सर्दी-जुकाम, सिरदर्द और उल्टी-दस्त के मरीजों में इजाफा हुआ है।इस क्रम में बुधवार को दैनिक जागरण के हेलो डाक्टर कार्यक्रम में जिला संयुक्त चिकित्सालय के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. राजेंद्र सिंह शामिल हुए और उन्होंने पाठकों की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को फोन पर सुनकर समाधान दिया। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

उन्होंने कहा कि इस समय वायरल फीवर, टाइफाइड, सर्दी-जुकाम, सिरदर्द और उल्टी-दस्त के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। कहा कि दिन में गर्मी और रात में ठंडक के बीच शरीर को सामंजस्य बिठाने में कठिनाई होती है, जिससे संक्रमण आसानी से फैलता है। लोगों ने बुखार और बदन दर्द की शिकायत की, जिनमें से अधिकांश मामले वायरल संक्रमण से जुड़े पाए गए।

डाक्टर ने लोगों को दवा के साथ पर्याप्त आराम करने, अधिक पानी पीने और ताजे भोजन का सेवन करने की सलाह दी। बताया कि इस मौसम में पाचन तंत्र पर भी असर पड़ता है, इसलिए भारी या बाहर का खाना न खाएं। बच्चों व बुजुर्गों को ठंडी हवा से बचाएं। कहा कि खानपान और साफ-सफाई पर ध्यान देकर मौसमी बीमारियों से बचा जा सकता है।

सवाल : मेरी एक माह की बेटी को कई दिनों से खांसी है, उसे सर्दी भी है। दूध पीने के बाद उल्टी भी हो रही है। दवा देने के बाद भी राहत नहीं मिल रही।, नाजिम हुसैन, चमन सरायज
जवाब : इस मौसम में बच्चों में वायरल संक्रमण और एलर्जी के कारण खांसी आम है। धूल, ठंडी हवा और तापमान में बदलाव से यह बढ़ जाती है। बच्चे को गर्म पानी दें, धूल से बचाएं। अगर खांसी के साथ सांस लेने में कठिनाई, सीटी जैसी आवाज या तेज बुखार हो तो चिकित्सक को अवश्य दिखाएं। साथ ही दूध पिलाने के बाद बच्चों को कंधे से लगाएं। इसके अलावा ट्रायोमेनिक दवा की दो-दो बूंद बच्चे को पिलाएं।

सवाल : बुखार है और पैरों में बहुत दर्द। जिसकी वजह से चल भी नहीं पा रहे हैं। डेंगू की जांच भी कराई, लेकिन सामान्य रही। क्या अस्पताल में दवा मिलेगी, मयंक कुमार, देहपा
जवाब : मलेरिया के लक्षणों में बुखार, बदन दर्द, ठंड लगना और कमजोरी शामिल हैं। ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत ब्लड टेस्ट करवाएं। पर्याप्त पानी पिएं, आराम करें। ये वायरल संक्रमण के लक्षण हैं, अस्पताल आकर चिकित्सक को दिखांए और समय पर दवा खाएं।

सवाल : मुझे काफी समय हिचकी की शिकायत है जो, अपने आप ही आती है और लगातार आधे घंटे तक रहती है। क्या यह कोई गंभीर समस्या है? गुड्डू, संभल
जवाब : सामान्यतः हिचकी पाचन गड़बड़ी, गैस या तनाव से होती है। अगर हिचकी लंबे समय तक बनी रहे तो यह पेट या तंत्रिका तंत्र की परेशानी का संकेत हो सकता है। ठंडा पानी पिएं, धीरे-धीरे सांस लें और तेज भोजन से बचें। राहत न मिलने पर चिकित्सक से परामर्श लें।

सवाल : शरीर में लगातार दर्द रहता है। पैरों में भी हड़कल रहती है। जांच भी कराई थी, वो सामान्य थी। दवा खाने के बाद भी आराम नहीं मिला। कुछ खाने पर मुंह में कड़वाहट पन सा होता है।, सर्वेश, गुन्नौर
जवाब : मौसम बदलने पर शरीर में दर्द अक्सर वायरल संक्रमण या थकान का संकेत होता है। पर्याप्त नींद लें, हल्का व्यायाम करें और ताजे फलों-सब्जियों का सेवन करें। सरसों के तेल की मालिश करें। आपने खून की जांच नहीं कराई है। खून की कमी भी हो सकती है। प्रतिदिन दलिया का सेवन करें। अगर बुखार है तो पैरासिटामोल की गोली खाएं।

सवाल : सिर में दर्द, खांसी और जुखाम है। बार-बार बुखार भी आता है। दो दिन ठीक रहता हूं फिर चढ़ जाता है। दवा खाने के बाद भी आराम नहीं हैं।, छोटू, गांव राजपुर
जवाब : यह समय मौसम के बदलाव का है। वायरल संक्रमण की वजह से खांसी जुकाम की शिकायत हो रही है। रात में पंखा नहीं चलाए। अगर अंग्रेजी दवा खानी है तो सिटरीजन दवा और अगर शरीर में दर्द है तो पैरासिटामोल की गाेली खाएं। सुबह गर्म पानी पिएं। पौष्टिक भोजन करें और स्वच्छता का ध्यान रखें।

सवाल : मुझे बहुत ज्यादा एसिडिटी होती है, खाना खाने के बाद सीने में जलन की समस्या भी है। काफी दवा खा चुका हूं, लेकिन गैस की शिकायत दूर नहीं होती।
सुमित, मुहल्ला ठेर, संभल
जवाब : इस समस्या का मुख्य कारण असमय भोजन, तला-भुना खाना और तनाव है। छोटे-छोटे अंतराल पर हल्का भोजन करें, सोने से पहले कुछ न खाएं, और धूम्रपान-शराब से बचें। खाना खाने के बाद में जेल्यूसिल एमनीएस सीरप पिएं। खाने को चबाकर और देर से खाएं।

सवाल : लीवर सही से काम नहीं कर रहा, जांच कराके दवा भी खा रहा हूं। खाना खाने के बाद सीने में जलन बहुत होती है। हरपाल, सौंधन
जवाब : लीवर की समस्या कई कारणों से हो सकती है, जैसे संक्रमण हेपेटाइटिस, अत्यधिक दवा या शराब का सेवन। तैलीय भोजन से परहेज करें, पर्याप्त पानी पिएं और चिकित्सक की निगरानी में दवा लें। समय-समय पर लीवर फंक्शन टेस्ट कराते रहें। शुद्ध और घर का बना भोजन करें।

सवाल : मुझे लगातार तेज बुखार रहता है, कमजोरी महसूस हो रही है। लगातार पांच दिन से दवा खा रहा हूं, लेकिन आराम नहीं है। जांच भी कराई है। शिवम, गांव अझरा
जवाब : लगातार तेज बुखार डेंगू, टाइफाइड या मलेरिया का संकेत हो सकता है। ऐसे में जांच कराना सबसे जरूरी है। बुखार के दौरान ठंडे पानी की पट्टियां रखें, तरल पदार्थ लें और स्वयं दवा न खाएं। रिपोर्ट के अनुसार सही उपचार ही प्रभावी रहेगा। अगर आईजीएम रिएक्टिव है तो जिला अस्पताल लेकर आएं। यहीं उपचार होगा।
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