व्यक्ति निर्माण से ही राष्ट्र सशक्त, देहरादून में संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कही यह बात
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/23/article/image/Mohan-Bhagwat-In-dun-1771848934478_m.webpदेहरादून में आयोजित “संघ यात्रा–नए क्षितिज, नए आयाम” विषयक प्रमुख जन गोष्ठी शामिल राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत।
राज्य ब्यूरो, देहरादून। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा कि जिस समाज की संरचना सही होती है, उसे सुधारने में अधिक कठिनाई नहीं आती। उन्होंने जोर देकर कहा कि समाज मजबूत होगा तो राष्ट्र की सुरक्षा भी अभेद्य बनेगी।
देहरादून में आयोजित “संघ यात्रा–नए क्षितिज, नए आयाम” विषयक प्रमुख जन गोष्ठी के दूसरे दिन उन्होंने कहा कि समाज की शक्ति ही व्यक्तियों और नेतृत्व को बल प्रदान करती है। यदि समाज कमजोर है तो नेतृत्व भी प्रभावी नहीं हो सकता।
इतिहास का उल्लेख करते हुए भागवत ने कहा कि 1857 के संघर्ष में पराजय का एक बड़ा कारण समाज की राजनीतिक चेतना का अभाव था। जब तक समाज राजनीतिक रूप से जागरूक नहीं हुआ, तब तक अंग्रेजों पर विजय संभव नहीं थी।
उन्होंने आगे कहा कि बाद में कांग्रेस का गठन हुआ, क्रांतिकारियों ने संघर्ष किया और सामूहिक प्रयासों से देश को आजादी मिली। हालांकि, स्वतंत्रता के बाद कई राजनीतिक दल अपने मूल मार्ग से भटक गए।
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