deltin55 Publish time 1970-1-1 05:00:00

गुजरात सड़क चौड़ीकरण परियोजनाओं के लिए वन भ ...


गांधीनगर। गुजरात सरकार ने भविष्य में सड़क चौड़ीकरण परियोजनाओं के लिए आवश्यक संरक्षित वन भूमि के हस्तांतरण के लिए केंद्र सरकार को अग्रिम और समेकित प्रस्ताव भेजने का निर्णय लिया है।
यह निर्णय बुधवार को गांधीनगर में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया।
सरकारी प्रवक्ता और मंत्री जीतू वाघानी ने बताया कि मुख्यमंत्री ने उन मामलों में अग्रिम योजना बनाने के निर्देश जारी किए हैं, जहां संरक्षित वन क्षेत्र भविष्य में विस्तार के लिए चिन्हित सड़कों की सीमा के भीतर आते हैं।




बैठक के बाद पत्रकारों को जानकारी देते हुए मंत्री वाघानी ने कहा कि राज्य की जिन सड़कों की सीमा के भीतर संरक्षित वन भूमि आती है और जहां भविष्य में चौड़ीकरण की योजना है, उनकी पहचान पहले से ही कर ली जानी चाहिए, और ऐसे संरक्षित वन क्षेत्रों के हस्तांतरण हेतु समेकित प्रस्ताव अभी से केंद्र सरकार को भेजे जाने चाहिए।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रस्तावित वन भूमि के बदले वन विभाग को सौंपे जाने वाली गैर-वन भूमि की व्यवस्था भी साथ ही करेगी ताकि स्वीकृतियों की प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके।




उन्होंने आगे कहा कि इन भूमि हस्तांतरण प्रस्तावों पर त्वरित और शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए, संरक्षित वन क्षेत्रों के बदले वन विभाग को दी जाने वाली गैर-वन भूमि भी साथ ही उपलब्ध कराई जाएगी।
राज्य सरकार के अनुसार, सड़क एवं भवन विभाग ने अब तक राज्य भर में लगभग 1,000 हेक्टेयर भूमि पर चौड़ीकरण कार्य पूरा कर लिया है या शुरू कर दिया है।
भविष्य की सड़क विस्तार योजनाओं और वन विभाग द्वारा अधिसूचित सड़क किनारे के संरक्षित वनों को ध्यान में रखते हुए राज्य ने प्रारंभिक अनुमान लगाया है कि आने वाले वर्षों में लगभग 2,000 हेक्टेयर वन भूमि के भूमि हस्तांतरण की आवश्यकता हो सकती है।




अधिकारियों ने बताया कि मुआवजे के तौर पर भूमि देने की व्यवस्था के तहत, सड़क एवं भवन विभाग ने कच्छ जिले के लखपत तालुका के शह गांव में लगभग 1,000 हेक्टेयर गैर-वन भूमि का एक भूभाग पहले ही चिन्हित कर लिया है।
राज्य सरकार ने यह भी अनुमान लगाया है कि भूमि परिवर्तन प्रस्तावों पर बिना देरी के कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए भविष्य में लगभग 2,000 हेक्टेयर गैर-वन भूमि की आवश्यकता होगी।
सरकार ने कहा कि इस पहल से भूमि अधिग्रहण और वन मंजूरी प्रक्रियाओं से जुड़ी प्रशासनिक जटिलताओं में कमी आने की उम्मीद है।




https://www.deshbandhu.co.in/images/authorplaceholder.jpg?type=1&v=2
Deshbandhu



GujratpoliticsGujratnewsBhupendra Patel









Next Story
Pages: [1]
View full version: गुजरात सड़क चौड़ीकरण परियोजनाओं के लिए वन भ ...