Vande Bharat sleeper train: लंबी दूरी का सफर होगा आसान, इसी महीने दौड़ेगी नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन, जानें रूट और खासियत
भारतीय रेलवे यात्रियों को आधुनिक और आरामदायक सफर देने की दिशा में लगातार नए कदम उठा रहा है। इसी कड़ी में देश की दूसरी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को मार्च में शुरू करने की तैयारी की जा रही है। यह ट्रेन लंबी दूरी की यात्रा को अधिक सुविधाजनक, तेज और प्रीमियम अनुभव देने के उद्देश्य से लाई जा रही है। फिलहाल इसका अंतिम रूट तय नहीं किया गया है, लेकिन संभावना है कि इसे देश के प्रमुख और व्यस्त मार्गों पर चलाया जाएगा। रेलवे से जुड़े अधिकारियों का मानना है कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेन पारंपरिक ट्रेनों की तुलना में ज्यादा उन्नत सुविधाओं और बेहतर तकनीक से लैस होगी।इससे यात्रियों को सफर के दौरान अधिक आराम और बेहतर अनुभव मिलेगा। यह ट्रेन खास तौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद होगी, जो लंबी दूरी की यात्रा में सुविधा और आधुनिक सुविधाओं को प्राथमिकता देते हैं।
2026 तक 12 स्लीपर वंदे भारत ट्रेनों का लक्ष्य
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रेलवे बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, वर्ष 2026 के दौरान कुल 12 वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों को शुरू करने की योजना बनाई गई है। हर नई ट्रेन को पहले की तुलना में अधिक उन्नत तकनीक और सुविधाओं के साथ तैयार किया जा रहा है। इन ट्रेनों का निर्माण भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (बीईएमएल) द्वारा किया गया है, जिसमें यात्रियों को विमान और पांच सितारा होटल जैसा आरामदायक अनुभव देने पर विशेष ध्यान दिया गया है।
स्मार्ट सेंसर और आधुनिक सुविधाओं से लैस कोच
नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में अत्याधुनिक फीचर्स शामिल किए गए हैं। कोच के गलियारों में स्मार्ट सेंसर लाइट्स लगाई गई हैं, जो केवल यात्री के चलने पर ही जलती हैं। इससे ऊर्जा की बचत भी होगी और यात्रियों को बेहतर अनुभव भी मिलेगा। इसके अलावा, ट्रेन में हवाई जहाज की तरह बायो-वैक्यूम टॉयलेट और टच-फ्री नल की सुविधा भी दी गई है, जिससे स्वच्छता और सुविधा दोनों सुनिश्चित होंगी।
पहली बार बोल्स्टरलेस कोच का इस्तेमाल
इस ट्रेन की एक बड़ी खासियत बोल्स्टरलेस कोच हैं, जिनका इस्तेमाल पहली बार किया जा रहा है। ये कोच 160 किमी प्रति घंटे की तेज रफ्तार पर भी यात्रियों को झटकों से बचाते हैं। इतना ही नहीं, इस तकनीक के कारण ट्रेन के अंदर रखा सामान या चाय का कप भी आसानी से स्थिर रहता है। इससे यात्रा और अधिक आरामदायक और सुरक्षित बनती है।
वंदे भारत स्लीपर में इमरजेंसी (VIP) कोटा की सुविधा
रेलवे बोर्ड ने हाल ही में वंदे भारत स्लीपर और अमृत भारत ट्रेनों में इमरजेंसी कोटा की सुविधा फिर से लागू की है। शुरुआत में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए केवल महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग यात्रियों के लिए कोटा रखा गया था। लेकिन यात्रियों की जरूरत और मेडिकल या सरकारी आपात स्थिति को ध्यान में रखते हुए अब VIP या इमरजेंसी कोटा को भी शामिल कर लिया गया है।
अलग-अलग श्रेणियों में तय होंगी आरक्षित बर्थ
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में अलग-अलग कोच श्रेणियों के अनुसार इमरजेंसी कोटा की सीटें निर्धारित की गई हैं। इसमें एसी-1 में 4 से 6 बर्थ, एसी-2 में 20 से 30 बर्थ और एसी-3 में 24 से 42 बर्थ तक आरक्षित रहेंगी। ये सीटें चार्ट बनने तक खाली रखी जाती हैं। यदि कोई आपातकालीन अनुरोध नहीं आता है, तो बाद में इन्हें वेटिंग लिस्ट वाले यात्रियों को आवंटित कर दिया जाता है।
किन परिस्थितियों में मिलता है इमरजेंसी कोटा
यह विशेष कोटा मेडिकल इमरजेंसी, पारिवारिक आपात स्थिति, सरकारी ड्यूटी या किसी जरूरी इंटरव्यू और आधिकारिक कार्य के लिए दिया जाता है। इसमें गंभीर बीमारी, परिवार में आकस्मिक घटना, सांसद-मंत्री या सरकारी अधिकारियों की ड्यूटी जैसे मामलों को प्राथमिकता दी जाती है। इस व्यवस्था का उद्देश्य जरूरतमंद यात्रियों को समय पर यात्रा की सुविधा उपलब्ध कराना है।
यात्रियों को मिलेगा लग्जरी और आधुनिक यात्रा का अनुभव
नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है। अत्याधुनिक तकनीक, बेहतर सुरक्षा, आरामदायक कोच और आधुनिक सुविधाओं के साथ यह ट्रेन यात्रियों को प्रीमियम और सुविधाजनक यात्रा का अनुभव प्रदान करेगी। आने वाले समय में यह ट्रेन लंबी दूरी की यात्रा को और आसान, तेज और आरामदायक बना देगी।
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