साइबर क्राइम में बिहार की पहली सजा; आपत्तिजनक फोटो और वीडियो मामले में दो दोषियों को कठोर कारावास
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/25/article/image/Conviction-1772024634616_m.webpदो दोषियों को कठोर कारावास। सांकेतिक तस्वीर
जागरण संवाददाता, छपरा। साइबर अपराध के खिलाफ बिहार की न्यायिक व्यवस्था ने बड़ा और ऐतिहासिक संदेश दिया है।
सोशल मीडिया पर फोटो-वीडियो वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल करने के मामले में छपरा की अदालत ने दो आरोपितों को कठोर कारावास और भारी जुर्माने की सजा सुनाई है।
इसे बिहार में साइबर अपराध के मामले में पहली प्रभावी सजा के रूप में देखा जा रहा है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-13 श्रीकांत सिंह की अदालत ने साइबर थाना कांड संख्या 62/25 (सत्र वाद 1067/25) में यह फैसला सुनाया।
एक भीतर में सुनवाई पूरी
खास बात यह रही कि मामले की सुनवाई मात्र एक वर्ष के भीतर पूरी कर ली गई, जो त्वरित न्याय की मिसाल है।
दोषी ठहराए गए सोनपुर थाना क्षेत्र के दरियापुर निवासी कुणाल गौतम और अकिलपुर थाना क्षेत्र के अकिलपुर निवासी प्रकाश यादव को आईटी एक्ट की धारा 66 ई के तहत दो वर्ष की सजा और एक लाख रुपये जुर्माना लगाया गया है।
धारा 67 के तहत दो वर्ष और एक लाख रुपये जुर्माना तथा धारा 67 ए के तहत चार वर्ष की सजा और दो लाख रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।
इसके अतिरिक्त बीएनएस की धारा 77 के तहत तीन वर्ष एवं दस हजार रुपये जुर्माना, धारा 256(2) के तहत एक वर्ष एवं दस हजार रुपये जुर्माना तथा धारा 251(2) के तहत एक वर्ष और दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई है।
जुर्माना अदा नहीं करने पर अतिरिक्त छह माह की सजा का प्रावधान किया गया है। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी तथा जेल में बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित किया जाएगा।
इंस्टाग्राम से आपत्तिजनक फोटो व वीडियो किया था वायरल
मामले की शुरुआत नौ मार्च 2025 को हुई थी, जब मढ़ौरा थाना क्षेत्र के अवारी गांव निवासी एक व्यक्ति ने साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई।
शिकायत में आरोप था कि इंस्टाग्राम आईडी के माध्यम से उनकी बहन की आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो वायरल करने की धमकी देकर रुपये की मांग की जा रही थी।
अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक सर्वजीत ओझा और सहायक अधिवक्ता सुभाष दास ने पैरवी की। न्यायालय में पांच गवाहों की गवाही कराई गई, जिसके आधार पर अदालत ने दोष सिद्ध माना।
लोक अभियोजक ने फैसले को साइबर अपराध के खिलाफ बिहार के लिए मील का पत्थर बताया। उनका कहना है कि यह निर्णय न केवल पीड़ितों के लिए न्याय का भरोसा बढ़ाएगा, बल्कि साइबर अपराधियों के लिए भी सख्त चेतावनी साबित होगा। https://www.jagranimages.com/images/womenday2_780x100.jpghttps://www.jagranimages.com/images/womendayANI2_380x100.gif
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