AI और आपका पैसा: निवेश की सलाह के लिए कितना विश्वसनीय है आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस? आंख बंद करके भरोसा करें या नहीं?
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/25/article/image/AI-investment-tips-1772005224896_m.webpAI से सलाह लेकर निवेश का अंतिम फैसला खुद करें
नई दिल्ली। डिजिटल युग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सिर्फ टेक कंपनियों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह लोगों के रोजमर्रा के वित्तीय फैसलों का हिस्सा बनता जा रहा है। आज कई ऐप्स और प्लेटफॉर्म AI की मदद से निवेश की सलाह देते हैं, पोर्टफोलियो मैनेज करते हैं और मार्केट ट्रेंड्स को एनालाइज करके मुनाफे के अवसर सुझाते हैं। कुछ ही क्लिक में आपको यह बताया जाता है कि किस शेयर में निवेश करना बेहतर होगा, किस म्यूचुअल फंड का प्रदर्शन मजबूत है या कब बाजार से बाहर निकलना समझदारी होगी। ऐसे में सवाल उठता है—क्या हमें अपने पैसों से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले पूरी तरह AI टूल्स की सलाह पर लेने चाहिए? आइए जानते हैं इसका जवाब।
डेटा की ताकत AI की सबसे बड़ी क्षमता
AI टूल्स की सबसे बड़ी ताकत उनका डेटा एनालिसिस है। वे ऐतिहासिक आंकड़ों, बाजार की चाल, कंपनी के प्रदर्शन और वैश्विक संकेतकों को मिलाकर संभावित ट्रेंड का अनुमान लगाते हैं। जहां एक इंसान सीमित जानकारी पर निर्भर हो सकता है, वहीं AI लाखों डेटा पॉइंट्स को एक साथ प्रोसेस कर सकता है।
इससे निवेशक को तेज और बेहतर सुझाव मिलते हैं। खासकर शॉर्ट-टर्म ट्रेडिंग या विविध पोर्टफोलियो बनाने में AI काफी उपयोगी साबित हो सकता है।
कम लागत और आसान पहुंच
कई एक्सपर्ट्स बताते हैं कि पुराने तरीके के वित्तीय सलाहकार की तुलना में AI आधारित निवेश प्लेटफॉर्म अक्सर सस्ते होते हैं। कई ऐप्स बहुत कम फीस पर पोर्टफोलियो मैनेजमेंट की सुविधा देते हैं। इससे छोटे निवेशक भी प्रोफेशनल जैसी रणनीति का लाभ उठा सकते हैं।
क्या AI सब कुछ समझ सकता है?
जानकार मानते हैं कि AI पहले से पावरफुल होता जा रहा है, लेकिन यह अचूक नहीं है। इसके मॉडल पुराने डेटा पर आधारित होते हैं, और अगर बाजार में बिल्कुल नई परिस्थिति पैदा हो जाए तो भविष्यवाणी गलत भी हो सकती है। साथ ही, AI आपकी व्यक्तिगत भावनाओं, भविष्य की योजनाओं या अचानक आने वाली वित्तीय जरूरतों को पूरी तरह नहीं समझ पाता। इसलिए सिर्फ एल्गोरिद्म पर भरोसा करना जोखिम भरा हो सकता है।
भावनाएं बनाम एल्गोरिद्म
आम तौर पर निवेश में भावनाएं अकसर नुकसान का कारण बनती हैं। जानकारों के अनुसार घबराहट में बेच देना या लालच में ज्यादा खरीद लेना - ये निवेशकों में सामान्य बात है। यहां AI फायदेमंद हो सकता है, क्योंकि वह भावनात्मक नहीं होता।
समझदारी का सही रास्ता क्या?
जानकारों का मानना है कि सबसे बेहतर तरीका यह है कि AI को एक टूल की तरह इस्तेमाल किया जाए। उसकी सलाह को समझें, तुलना करें और अपनी वित्तीय स्थिति के अनुसार फैसला लें। यदि संभव हो तो किसी अनुभवी सलाहकार से भी राय लें। आखिरकार, पैसा आपका है और जोखिम भी आपका ही है। तकनीक सहायक हो सकती है, लेकिन अंतिम निर्णय सोच-समझकर लेना ही समझदारी है।
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