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चार्टर्ड विमान हादसे हुए तो संचालक जिम्मेदार, डीजीसीए ने कड़े किए नियम, कहा- केवल पायलटों पर दोष मढ़ना ठीक नहीं

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चार्टर्ड विमान हादसे हुए तो संचालक जिम्मेदार, डीजीसीए ने कड़े किए नियम (फोटो- पीटीआई)



पीटीआई, नई दिल्ली। महीने भर के अंदर एक के बाद एक निजी चार्टर्ड विमान हादसों के बाद डीजीसीए ने सख्त रुख अपनाते हुए विमानन नियामक डीजीसीए ने गैर-निर्धारित विमान संचालकों (एनएसओपी) के लिए नियम कड़े कर दिए हैं।

हालिया दुर्घटनाओं के मद्देनजर नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने सुरक्षा मानकों को लेकर कई नई व्यवस्थाओं की घोषणा की है और स्पष्ट किया है कि किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अब पायलट से लेकर कंपनी संचालक तक कार्रवाई के दायरे में लाए जाएंगे।

दरअसल, सोमवार को रांची से दिल्ली जा रहा एक एयर एंबुलेंस विमान उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें सात लोगों की मौत हो गई। यह विमान एक गैर-निर्धारित ऑपरेटर द्वारा संचालित किया जा रहा था।

इससे पहले 28 जनवरी को महाराष्ट्र के बारामती के पास वीएसआर वेंचर्स के स्वामित्व वाला एक लियरजेट-45 विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार और चार अन्य लोगों की मौत हो गई थी।

इसके अलावा, अंडमान निकोबार में पवन हंस हेलीकॉप्टर भी दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें सवार सात लोगों को सुरक्षित बचाया गया था। इन घटनाओं के बाद डीजीसीए ने सभी नान-शेड्यूल्ड आपरेटरों (एनएसओपी) की बैठक बुलाई।

बैठक में हाल के विमानन हादसों में वृद्धि पर चिंता जताते हुए सुरक्षा पर विशेष फोकस की आवश्यकता पर जोर दिया गया। नियामक ने साफ कहा कि सुरक्षा चूक का ठीकरा केवल पायलटों पर नहीं फोड़ा जा सकता, बल्कि जवाबदेह प्रबंधक और वरिष्ठ प्रबंधन भी व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार ठहराए जाएंगे।

नई व्यवस्थाओं के तहत गैर-निर्धारित विमान संचालकों को अपने विमानों की आयु, रखरखाव का ब्योरा और अन्य महत्वपूर्ण सुरक्षा जानकारियां सार्वजनिक करनी होंगी। साथ ही, इन आपरेटरों की \“सुरक्षा रैंकिंग\“ भी तैयार की जाएगी, ताकि यात्रियों को पारदर्शी जानकारी मिल सके।

डीजीसीए ने यह भी स्पष्ट किया है कि नियमों के उल्लंघन पर पायलटों के लाइसेंस को अधिकतम पांच वर्ष तक निलंबित किया जा सकता है। पुराने विमानों और स्वामित्व परिवर्तन से गुजर रहे विमानों की विशेष निगरानी की जाएगी।

बीएओए ने भी सतर्कता बरतने को कहा उधर, बिजनेस एयरक्राफ्ट आपरेटर्स एसोसिएशन (बीएओए) ने भी अपने सदस्यों से आंतरिक सुरक्षा आडिट कराने और क्रू ब्री¨फग को सख्ती से लागू करने की अपील की है।

संगठन ने कहा कि विशेष रूप से अनियंत्रित हवाईपट्टियों और सीमित मौसम सहायता वाले क्षेत्रों में उड़ान भरने वाले आपरेटरों को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए।

मंत्रालय भी व्यापक समीक्षा में जुटा नागर विमानन मंत्रालय ने भी संकेत दिया है कि गैर-निर्धारित उड़ानों और छोटे हवाईअड्डों के संचालन की व्यापक समीक्षा की जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
पवार हादसे के बाद वीएसआर वेंचर्स की उड़ान पर ब्रेक

बारामती विमान हादसे में अजीत पवार की मौत के बाद चार्टर्ड विमान संचालक कंपनी वीएसआर वेंचर्स के चार विमानों को उड़ान भरने से रोक दिया गया है।

डीजीसीए ने बताया है कि स्पेशल सेफ्टी ऑडिट में उड़ान योग्यता, हवाई सुरक्षा, उड़ान संचालन में कई अनुपालन संबंधी खामियां पाई गई हैं।

हादसे के बाद डीजीसीए ने स्पेशल ऑडिट शुरू कराई थी। इस बीच, विमानन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने बताया कि हादसे की प्राथमिक रिपोर्ट 28 फरवरी को जारी की जाएगी।
मुख्य उपाय

[*]विमान की उम्र, रखरखाव व पायलट अनुभव का खुलासा अनिवार्य
[*]डीजीसीए वेबसाइट पर सेफ्टी रैंकिंग प्रकाशित होगी
[*]सीवीआर व ड्यूटी डाटा का रैंडम आडिट बढ़ेगा
[*]वरिष्ठ प्रबंधन सीधे तौर पर जवाबदेह होगा
[*]एफडीटीएल उल्लंघन पर लाइसेंस पांच साल तक निलंबित हो सकता है
[*]पुराने व स्वामित्व बदल रहे विमानों की सख्त मेंटेनेंस जांच
[*]जरूरत पर एमआरओ को अनिवार्य आउटसोर्सिंग
[*]पायलटों के लिए रीयल-टाइम मौसम अपडेट सिस्टम अनिवार्य
[*]मौसम जागरूकता प्रशिक्षण पर जोर - मार्च 2026 के बाद फेज-2 सेफ्टी आडिट शुरू होगा
[*]हितधारकों के लिए कार्यशालाएं आयोजित होंगी- सुरक्षा उल्लंघन पर \“जीरो टालरेंस\“ नीति लागू


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