मिथिला एक्सप्रेस में पर्स चोरी करते तीन महिलाएं रंगेहाथ गिरफ्तार, समस्तीपुर में बड़ी कार्रवाई
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/24/article/image/rail-news-1771955130222_m.webpपुलिस गिरफ्त में चोरी की आरोपित महिलाएं। जागरण
जागरण संवाददाता, समस्तीपुर । समस्तीपुर जंक्शन पर मिथिला एक्सप्रेस में सफर के दौरान एक यात्री का पर्स चोरी करने के आरोप में रेलवे सुरक्षा बल ने तीन महिलाओं को रंगेहाथ पकड़ लिया। पकड़ी गई महिलाएं महाराष्ट्र के नागपुर जिले के कन्नड़ क्षेत्र की निवासी बताई जा रही हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रेन के प्लेटफार्म पर रुकते ही तीनों महिलाओं ने गेट के पास खड़े यात्री को घेर लिया और भीड़ का फायदा उठाकर उसका पर्स छीन लिया। शोर मचते ही आरपीएफ जवानों ने तत्परता दिखाते हुए तीनों को मौके पर ही दबोच लिया।
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि महिलाएं घुमंतू प्रवृत्ति की हैं और विभिन्न स्टेशनों पर इस तरह की वारदात को अंजाम देती थी। घटना की सूचना पर रेल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।
रेल थानाध्यक्ष बीरबल कुमार ने बताया कि आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद तीनों आरोपित महिलाओं को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। कार्रवाई के दौरान आरपीएफ एवं रेल पुलिस के कई अधिकारी और जवान मौके पर मौजूद थे।
रेल प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि भीड़भाड़ के दौरान अपने सामान की विशेष रूप से सुरक्षा करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल रेलवे सुरक्षा बल को दें।
पहियों से धुआं दिखे तो न फैलाएं अफवाह
समस्तीपुर । समस्तीपुर रेल मंडल ने सुरक्षित और सुगम यात्रा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए यात्रियों एवं आम जनता के लिए महत्वपूर्ण जानकारी जारी की है।
मंडल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि हाल के समय में कुछ अवसरों पर ट्रेन के कोच के पहियों से हल्का धुआं, अधिक गर्मी या जलने की गंध महसूस होने की घटनाओं को कुछ यात्रियों ने \“आग लगने\“ की आशंका से जोड़ दिया, जबकि अधिकांश मामलों में यह स्थिति ब्रेक जाम (ब्रेक बाइंडिंग) के कारण उत्पन्न होती है।
मंडल रेल प्रबंधक के अनुसार ब्रेक जाम की स्थिति में ब्रेक पूरी तरह से मुक्त नहीं हो पाते और पहियों से हल्की रगड़ खाते रहते हैं। इस घर्षण से गर्मी पैदा होती है और कभी-कभी हल्का धुआं या गंध महसूस हो सकती है। यह एक सामान्य यांत्रिक प्रक्रिया है, न कि आग लगने की घटना।
अधिकारियों ने इसे दैनिक जीवन के उदाहरण से समझाते हुए बताया कि जैसे मोटरसाइकिल या कार में ब्रेक दबे रह जाने पर ब्रेक डिस्क या ड्रम गर्म हो जाता है और जलने जैसी गंध आ सकती है, लेकिन वाहन में आग नहीं लगती - उसी प्रकार ट्रेनों में भी ब्रेक जाम की स्थिति में ऐसा अनुभव संभव है। रेल प्रशासन ने दोहराया कि यात्रियों का संयम, जागरूकता और कर्मचारियों के निर्देशों का पालन ही सुरक्षित रेल यात्रा की सबसे बड़ी गारंटी है।
लोको पायलट, गार्ड और आनबोर्ड स्टाफ रखते है नजर
पीआरओ आरके सिंह ने यात्रियों से अपील की है कि ऐसी स्थिति में घबराएं नहीं और किसी भी प्रकार की अफवाह न फैलाएं। किसी भी हालत में चलती ट्रेन से कूदने या जल्दबाजी में अनुचित कदम उठाने का प्रयास न करें, क्योंकि घबराहट वास्तविक समस्या से अधिक नुकसान पहुंचा सकती है।
इसके बजाए तुरंत ट्रेन चालक, गार्ड या नजदीकी रेलवे कर्मचारी को सूचना दें, ताकि आवश्यक तकनीकी जांच और समाधान किया जा सके। मंडल प्रशासन ने बताया कि नियमित रखरखाव, समय-समय पर निरीक्षण और उन्नत निगरानी प्रणाली के माध्यम से ऐसे तकनीकी पहलुओं पर लगातार नजर रखी जाती है। लोको पायलट, गार्ड और आनबोर्ड स्टाफ को इस प्रकार की परिस्थितियों की पहचान और सुरक्षित निवारण के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है। https://www.jagranimages.com/images/womenday2_780x100.jpghttps://www.jagranimages.com/images/womendayANI2_380x100.gif
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