मुजफ्फरपुर में झोलाछाप पशु डॉक्टरों और अवैध क्लीनिकों पर शिकंजा, टीम गठित
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/24/article/image/medical-1771951506972_m.webpइसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर । जिले में अब अपनी मर्जी से पशुओं का टीकाकरण करने वाले झोलाछापों पर नकेल कसने की तैयारी विभाग ने शुरू कर दी है। साइकिल व बाइक से घूम-घूमकर इलाज करने वालों की पहचान कर उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इसके लिए विभाग की ओर से 24 पशु चिकित्सा पदाधिकारियों की टीम गठित की गई है। टीम यह भी जांच करेगी कि कहीं निजी पशु चिकित्सालय बिना निबंधन के तो संचालित नहीं हो रहे हैं और उनका संचालन कौन कर रहा है। बिना निबंधन चल रहे केंद्रों पर कार्रवाई करते हुए लाइसेंस लेना अनिवार्य किया जाएगा।
जिला पशुपालन पदाधिकारी डा. मनोज मेहता ने बताया कि जिले में शिकायत मिल रही हैं कि बिना लाइसेंस के निजी पशु अस्पताल चल रहा हैं। जिले के 24 पशु अस्पतालों में तैनात चिकित्सकों को जांच का निर्देश दिया गया है।
सभी चिकित्सक बिना निबंधन संचालित केंद्रों की रिपोर्ट देंगे। उन्होंने बताया कि यदि कहीं टीकाकरण व गर्भाधान केंद्र संचालित मिलते हैं तो संचालकों के लिए विभाग से प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण लेना अनिवार्य होगा।
प्रशिक्षण प्राप्त व्यक्ति ही टीकाकरण व गर्भाधान केंद्र चला सकेंगे। उन्हें केवल प्राथमिक उपचार की जानकारी दी जाएगी, दवा लिखने का अधिकार नहीं होगा। नियम उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सोनबरसा में निजी क्लीनिक चला रहे संचालक से जवाब-तलब जिला पशुपालन पदाधिकारी ने बताया कि शिकायत मिली थी कि कुढ़नी प्रखंड के सोनबरसा में पटना सिटी के अनुमंडलीय पशु चिकित्सालय में पदस्थापित एक मिश्रक यहां चिकित्सक बनकर निजी पशु अस्पताल चला रहा है।
जांच के दौरान विभागीय आपूर्ति की प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) दवाएं भी मिली। संबंधित कर्मी के बारे में अनुमंडलीय पशु चिकित्सालय, पटना सिटी से पिछले दो माह की उपस्थिति विवरणी मांगी गई है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहां से सिरिंज, बेटाडीन और काटन सहित प्राथमिक उपचार की दवाएं बरामद हुईं। मामले में विभागीय कार्रवाई जारी है। https://www.jagranimages.com/images/womenday2_780x100.jpghttps://www.jagranimages.com/images/womendayANI2_380x100.gif
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