Holi 2026: कब जलेगी होलिका और कब खेला जाएगा रंग? पंडितों ने दूर की कंफ्यूजन
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/24/article/image/Holika-1771950833249_m.webpकब जलेगी होलिका और कब खेला जाएगा रंग? - एआई जनरेटेड तस्वीर
संवाद सहयोगी, संभल । नगर के मुहल्ला कोटपूर्वी स्थित गौरी सहाय मंदिर में राष्ट्रीय पुरोहित परिषद की बैठक हुई। इसमें चंद्र ग्रहण को लेकर चल रहे असमंजस के बीच परिषद ने सर्वसम्मति से होली पर्व की तिथियों को लेकर स्थिति स्पष्ट कर दी है।
निर्णय लिया गया कि दो मार्च को शाम होलिका पूजन तथा तीन मार्च को ब्रह्म मुहूर्त में होलिका दहन किया जाएगा, जबकि रंग उत्सव तीन मार्च को ही मनाया जाएगा।
मंगलवार को आयोजित बैठक में नगर एवं क्षेत्र के ज्योतिषाचार्य, पंडित, पुजारी और पुरोहितों ने विभिन्न पंचांगों का अध्ययन कर यह निर्णय लिया। परिषद के महामंत्री पंडित शोभित शास्त्री ने बताया कि दो मार्च सोमवार को शाम 7:56 बजे से देर रात्रि तक होलिका पूजन का शुभ मुहूर्त रहेगा।
वहीं तीन मार्च मंगलवार को सुबह पांच बजे से पूर्व ब्रह्म मुहूर्त में किसी भी समय होलिका दहन करना श्रेष्ठ रहेगा। उपाध्यक्ष पंडित कैलाश चंद्र शर्मा ने बताया कि पूर्णिमा पर चंद्र ग्रहण होने के कारण लोगों में रंगोत्सव और परंपराओं को लेकर भ्रम था।
उन्होंने स्पष्ट किया कि तीन मार्च को रंग गुलाल खेला जा सकता है, क्योंकि यह धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि सामाजिक परंपरा है। हालांकि ग्रहण के प्रभाव के चलते तीन मार्च को जलपान व भोजन कराना वर्जित रहेगा। आपसी मेल-मिलाप, गुजिया व मिष्ठान वितरण की परंपरा चार मार्च बुधवार को निभाई जाए।
बैठक में रंग एकादशी (शोक उठनी एकादशी) 27 फरवरी को मनाने का भी आह्वान किया गया। इस दौरान पंडित प्रशांत शर्मा, पंडित जयदेव कौशिक, पंडित उमेश शर्मा, पंडित पुष्पेंद्र कुमार शर्मा, पंडित विशाल शर्मा, पंडित विनीत शर्मा, पंडित राजू शुक्ला और पंडित अजय कुमार शर्मा आदि रहे। अध्यक्षता अध्यक्ष पंडित अजय शुक्ला व संचालन पंडित सुंदरलाल तिवारी ने किया। https://www.jagranimages.com/images/womenday2_780x100.jpghttps://www.jagranimages.com/images/womendayANI2_380x100.gif
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