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इलाज तो दूर की बात, दवा भी नहीं लिख सकते झोलाछाप डॉक्टर; विधान परिषद में स्वास्थ्य मंत्री ने बताया उनका रोल

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विधान परिषद में राजद एमएलसी अब्‍दुल बारी सिद्दीकी के प्रश्‍न का जवाब देते स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री मंगल पांडेय। वीड‍ियो ग्रैब



राज्य ब्यूरो, पटना। Bihar Council: स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने मंगलवार को विधान परिषद में कहा कि आपरेशन-सर्जरी तो बहुत दूर की बात है, झोलाछाप डाॅक्टर मरीज की दवा भी नहीं लिख सकते।

वह सिर्फ चिकित्सा परामर्शी हैं, इलाज नहीं कर सकते। इसका उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। वह डाॅ. राजवर्द्धन आजाद के तारांकित प्रश्न का उत्तर दे रहे थे।
व‍िभागीय स्‍तर पर होती सख्‍त निगरानी

मंत्री ने कहा कि विभागीय स्तर पर इसकी निगरानी सख्ती से होती है। राज्य भर में 33 हजार चिकित्सा परामर्शी को प्रशिक्षण भी दिया गया है।

वंशीधर ब्रजवासी के अल्पसूचित प्रश्न का जवाब देते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में आयुर्वेद, यूनानी और होमियोपैथिक चिकित्सकों की नियुक्ति की गयी है।

अभी जिला चिकित्सा पदाधिकारी के माध्यम से दवाओं की खरीद हो रही है। अब, बीएमएसआइसीएल के माध्यम से दवाओं की खरीद होगी।
2030 तक टीबी मुक्त होगा बिहार : मंत्री

राजद के विधान पार्षद अब्दुल बारी सिद्दिकी के अल्पसूचित प्रश्न का जवाब देते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि वर्ष 2030 तक बिहार को टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य है।

प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत जरूरतमंद टीबी रोगियों को उपचार के दौरान कम से कम छह माह तक फूड बास्केट दिया जाता है।

राज्य में 2025 में दो लाख 14 हजार 858 टीबी मरीज पंजीकृत हुए है, जिन्हें निशुल्क जांच एवं दवा तथा काउंसिलिंग दी जा रही है। https://www.jagranimages.com/images/womenday2_780x100.jpghttps://www.jagranimages.com/images/womendayANI2_380x100.gif
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