शिक्षक आत्महत्या मामला: हाई कोर्ट के आदेश पर एक साल क्यों नहीं हुआ अमल? BSA निरुत्तर
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/24/article/image/hcdm-1771904130192_m.webpडीएम दिव्या बीएसए शालिनी श्रीवास्तव से पूछताछ करती हुईं। वीडियो ग्रैब
जागरण टीम, देवरिया। कुशीनगर के रहने वाले शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह के आत्महत्या प्रकरण की जांच में बीएसए शालिनी श्रीवास्तव की लापरवाही सामने आई है। डीएम दिव्या मित्तल की ओर से गठित समिति ने जांच में पाया कि हाई कोर्ट के आदेश के बावजूद करीब एक वर्ष तक बीएसए ने प्रभावी कार्रवाई नहीं की।
डीएम ने बीएसए के निलंबन व विभागीय कार्यवाही की संस्तुति करते हुए रिपोर्ट शासन को भेज दी है। सोमवार 11 घंटे चली जांच में सवालों की झड़ी ने बीएसए को असहज कर दिया। हाई कोर्ट के आदेश की नाफरमानी व कार्यालय की कार्य संस्कृति को लेकर हुए सवालों पर बीएसए के जवाब से असंतुष्ट अधिकारियों ने काउंटर सवाल दागा तो बीएसए निरुत्तर हो गईं।
गौरीबाजार के कृषक लघु माध्यमिक विद्यालय, मदरसन में तैनात रहे शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह ने रविवार को गोरखपुर के गुलरिहा स्थित आवास में खुदकुशी कर ली थी। चार पेज के सुसाइड नोट और वीडियो संदेश में उन्होंने शिक्षा विभाग के लिपिक और अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया। गोरखपुर पुलिस ने देवरिया बीएसए शालिनी श्रीवास्तव, लिपिक संजीव सिंह आदि पर मुकदमा दर्ज कर लिया। सीडीओ की अध्यक्षता में जांच टीम गठित की गई।
शासन ने भी चार सदस्यीय जांच टीम देवरिया भेज दी। सुबह 10:20 से शुरू हुई पूछताछ रात करीब नौ बजे तक चली। बीएसए ने शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह की ओर से लगाए गए 16 लाख रुपये घूस लेने के आरोप को नकार दिया।
आरोपित बाबू संजीव सिंह आफिस नहीं पहुंचा। डीएम ने समिति के समक्ष बीएसए से पूछा कि जब हाई कोर्ट ने 13 फरवरी 2025 को आदेश पारित कर दिया तो अनुपालन में इतना विलंब क्यों हुआ। बीएसए ने पटल परिवर्तन को देरी का कारण बताया, जिस पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए कहा कि पटल परिवर्तन निर्णय न लेने का आधार नहीं हो सकता। जांच समिति ने भी प्रकरण को लंबित रखने में बीएसए की लापरवाही और मनमाने रवैये पर सवाल उठाए।
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बीएसए के कार्यकक्ष में लगा सीसीटीवी कैमरा बिना वाइस रिकार्डिंग के पाया गया, जबकि कार्यालय में लगे 16 अन्य कैमरों में यह सुविधा मिली। जांच में पुष्टि हुई कि 20 फरवरी 2026 को कृष्ण मोहन सिंह की मुलाकात बीएसए से उनके कार्यकक्ष में हुई थी। ऐसे में वाइस रिकार्डिंग न होने से उस दिन हुई बातचीत के बारे में पता नहीं चल सका।
डीएम ने बीएसए से पूछा कि कमरे में वायर रिकार्डर वाला कैमरा क्यों नहीं है। बीएसए संतोषजनक जवाब नहीं दे सकीं। सोमवार को दिनभर बीएसए कार्यालय के बाहर और शहर के मुख्य बाजार सुभाष चौक पर शिक्षक और स्वयंसेवी संगठनों ने नारेबाजी और प्रदर्शन किया।https://www.jagranimages.com/images/womenday780x100.png?v1https://www.jagranimages.com/images/womendayANI380x100.gif
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