cy520520 Publish time Yesterday 23:01

India-US Trade Deal: अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले से बदला ट्रेड डील का समीकरण, भारत अब कर सकता है ज्यादा छूट की डिमांड

India-US Trade Deal: अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने बीते दिनों डोनाल्ड ट्रंप के पुराने टैरिफ नियमों को रद्द कर दिए। इसके बाद भारत सरकार ने अमेरिका के साथ होने वाली \“अंतरिम ट्रेड डील\“ की समीक्षा शुरू कर दी है। इसी वजह से 23 फरवरी से शुरू होने वाली तीन दिवसीय बैठक को पहले टाल दिया गया। और सरकारी सूत्रों के अनुसार, भारत अब उन प्रावधानों पर नए सिरे से बातचीत करना चाहता है जिससे भारतीय निर्यातकों को अन्य देशों के मुकाबले बेहतर डील मिल सके।



क्यों पड़ी नए सिरे से बातचीत की जरूरत?



पहले हुए समझौते के तहत अमेरिका भारतीय सामानों पर टैरिफ को 50% से घटाकर 18% करने पर सहमत हुआ था। अब ट्रंपने सभी देशों के लिए 15% का \“ग्लोबल टैरिफ\“ लगा दिया। इससे भारत को मिलने वाला 18% वाला विशेष फायदा खत्म हो गया है क्योंकि अब दूसरे देशों को भी 15% की कम दर मिल रही है। भारत अब उन क्षेत्रों की पहचान कर रहा है जहां उसे 15% से भी कम शुल्क या पूरी तरह छूट मिल सके, ताकि वैश्विक बाजार में भारतीय सामान प्रतिस्पर्धी बना रहे।




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$34 अरब का निर्यात रहेगा सुरक्षित



भले ही ट्रंप ने 15% टैरिफ का ऐलान किया है, लेकिन एक विश्लेषण के अनुसार भारत का 34 अरब डॉलर का निर्यात इस मार से बच सकता है। दवाइयां, इलेक्ट्रॉनिक्स, टेलीकॉम उपकरण, पेट्रोलियम उत्पाद और इंजीनियरिंग सामान को इस टैरिफ से छूट मिलने की संभावना है। इसके साथ ही सिविल एविएशन के पुर्जों को भी छूट की लिस्ट में शामिल करने पर बातचीत चल रही है। हालांकि, स्टील और ऑटोमोबाइल जैसे क्षेत्रों पर सुरक्षा प्रावधानों के तहत अलग से शुल्क जारी रह सकते है।



भारत बदले में क्या देगा?



9 फरवरी को जारी \“फैक्टशीट\“ के अनुसार, अगर यह डील फाइनल होती है तो भारत को भी अमेरिकी सामानों के लिए अपने बाजार खोलने होंगे। भारत अमेरिकी औद्योगिक सामानों, सूखे मेवे, सोयाबीन तेल, वाइन और अन्य कृषि उत्पादों पर आयात शुल्क कम करेगा। इसेक साथ ही भारत ने अगले कुछ वर्षों में अमेरिका से 500 अरब डॉलर से अधिक मूल्य की ऊर्जा, कोयला और सूचना तकनीक उत्पाद खरीदने का इरादा जताया है।
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