बेटे ने पिता की हत्या के बाद लाश के किए टुकड़े, जंगल में फेंका हाथ-पैर; घर में रखे ड्रम में छिपाया धड़
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/23/article/image/lucknow-murder-(1)-1771867054912_m.webpमृतक पिता मानवेंद्र, हत्या का आरोपी बेटा अक्षत प्रताप।
जागरण संवाददाता, लखनऊ। जिसे पिता ने पाल पोसकर बड़ा किया, उसी बेटे ने पिता की गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद शव के कई टुकड़े कर दिए। हाथ-पैर काटकर जंगल में फेंक दिया जबकि बचा हुआ धड़ घर में ड्रम में छिपा दिया। इसके बाद खुद ही थाने में गुमशुदगी दर्ज करा दी। तलाश के दौरान पुलिस ने जब घर में पहुंचकर जांच की तो पिता का शव ड्रम से मिला। शक होने पर पुलिस ने बेटे से पूछताछ की तो उसने घटना स्वीकार की है। पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) मध्य विक्रांत वीर ने बताया कि आशियाना के सेक्टर एल निवासी 49 वर्षीय मानवेंद्र सिंह के बेटे अक्षत ने थाने पर पहुंचकर पिता के लापता होने की सूचना देते हुए गुमशुदगी दर्ज कराई।
विभिन्न माध्यमों से मानवेंद्र की छानबीन शुरू हुई लेकिन उनका कुछ पता नहीं चला। पुलिस ने बेटे अक्षत से भी घटना को लेकर जानकारी की लेकिन वह गोलमोल जवाब देता रहा। सख्ती से पूछताछ हुई तो अक्षत टूट गया और उसने खुद ही पिता की हत्या करने की बात स्वीकार की।
पूछताछ में अक्षत ने बताया कि 20 फरवरी की सुबह 4:30 बजे किसी बात को लेकर उसका पिता से विवाद हुआ था। इसके बाद उसने मकान की तीसरी मंजिल पर मौजूद पिता के माथे में गोली मारकर हत्या कर दी। रात में शव को चोरी छिपे भूतल पर लाया और खींचकर उसे एक कमरे में ले गया। इसके बाद हाथ और पैर काट दिए। पकड़े जाने के डर से हाथ-पैर पारा के सदरौना स्थित जंगल में फेंक आया। शव के बाकी बचे हिस्से को एक ड्रम में छिपाकर रख दिया।
सोमवार को पुलिस जांच करने पहुंची तो बुरी तरह से क्षतिग्रस्त शव ड्रम से बरामद हुआ। पुलिस ने बचे हुए हिस्से को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। घटना की सूचना पर डीसीपी समेत अन्य अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। फारेंसिक टीम और फील्ड यूनिट ने भी घटनास्थल से साक्ष्य एकत्रित किए हैं। डीसीपी ने बताया कि आरोपित को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। गुमशुदगी में हत्या की धारा जोड़ी जाएगी। साथ ही पुलिस टीम टीम सदरौना के जंगल में शव के अवशेष ढूंढ रही है।
नौ वर्ष पहले हुई थी पत्नी की मौत
छानबीन में पता चला किए मानवेंद्र सिंह वर्धमान पैथोलाजी के मालिक थे और अन्य व्यवसाय भी करते थे। घर में वह बेटे अक्षत उर्फ़ राजा और बेटी के साथ रहते थे। लगभग नौ वर्ष पूर्व उनकी पत्नी का निधन हो चुका है। सोमवार को पड़ोसियों ने भी घर से दुर्गन्ध आने पर सूचना पुलिस को दी थी। इसी पर पुलिस को बेटे पर शक गहराया और उससे पूछताछ की गई थी।
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