समाजवादी पार्टी के राज में कसाई देख कांपती थी गाय, अब इसका उलटा : धर्मपाल सिंह
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/23/article/image/Dharampal-Singh-Daink-Jagran--1771855418394_m.webpदुग्ध आयुक्त धनलक्ष्मी के, पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह, अपर मुख्य सचिव पशुधन एवं दुग्ध विकास मुकेश कुमार मेश्राम
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने गोधन समागम-2026 में सोमवार को वित्तीय वर्ष 2024-25 में सर्वाधिक उत्पादन करने वाले 63 पशुपालकों को जिला स्तरीय गोकुल पुरस्कार और 49 पशुपालकों को नंदबाबा पुरस्कार प्रदान किए।
धर्मपाल सिंह ने इस अवसर पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव कह रहे थे कि यह सरकार गाय को पालीथिन खिला रही है। जब वो मुख्यमंत्री थे तो कसाई को देखकर गाय कांपती थी और अब योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री हैं तो गाय को देखकर कसाई कांपता है।
आयोजन मे पशुधन मंत्री ने निराश्रित गोवंश संरक्षण में उत्कृष्ट कार्य के लिए हरदोई, अलीगढ़, अमरोहा, जालौन और रायबरेली के डीएम, सीडीओ और सीवीओ को भी सम्मानित किया। पशुधन मंत्री ने प्रदेश में ही गाय खरीदने पर 40 हजार रुपये अनुदान देने की घोषणा भी की। अब तक दूसरे राज्यों से गाय खरीदकर लाने पर अनुदान मिलता है।
इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में पशुधन मंत्री ने कहा कि सपा सरकार के कार्यकाल में गाय के आहार के लिए 30 रुपये मिलते थे, हमारी सरकार 50 रुपये दे रही है। उन्होंने किसानों से देसी गाय का संरक्षण करने और नस्ल सुधार कार्यक्रम अपनाने का आह्वान किया। कहा कि भारतीय गोवंशीय देशी गाय के दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है और गोवंश का संरक्षण एवं संवर्धन राज्य सरकार की प्राथमिकता है।
कार्यक्रम में गोकुल पुरस्कार के तहत लखनऊ दुग्ध संघ के लखीमपुर-खीरी निवासी वरुण सिंह को दो लाख रुपये का प्रथम पुरस्कार और फिरोजाबाद दुग्ध संघ के आगरा की दुग्ध समिति ठेरई के वीरेंद्र सिंह को 1.50 लाख रुपये का द्वितीय पुरस्कार प्रदान किया गया। अन्य को 51-51 हजार रुपये की राशि प्रदान की गई है।
नंदबाबा पुरस्कार के तहत मुरादाबाद दुग्ध संघ के रामपुर की दुग्ध समिति हमीरपुर के लाभार्थी अरुण कुमार को 51 हजार रुपये की राशि प्रदान की गई है। अन्य को 21-21 हजार रुपये की राशि दी गई। दोनों पुरस्कार पाने वालों में 25 महिला लाभार्थी शामिल हैं। अधिकारियों ने उप्र दुग्धशाला विकास एवं दुग्ध उत्पाद प्रोत्साहन नीति-2022 की जानकारी दी।
इस दौरान बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 276.55 करोड़ की वित्तीय सहायता से विभिन्न योजनाओं में आठ हजार पशुपालकों को लाभांवित किया जाएगा। 1750 राजस्व ग्रामों में प्रारंभिक दुग्ध सहकारी समितियां बनाई जाएंगी।
इस दौरान अपर मुख्य सचिव पशुधन एवं दुग्ध विकास मुकेश कुमार मेश्राम, दुग्ध आयुक्त धनलक्ष्मी के., प्रबंध निदेशक पीसीडीएफ वैभव श्रीवास्तव, विशेष सचिव दुग्ध विकास विभाग राम सहाय यादव, निदेशक प्रशासन एवं विकास पशुपालन विभाग डा. मेम पाल सिंह आदि उपस्थित थे।
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