दिल्ली में पुलिस मुठभेड़ के बाद नंदू गिरोह के दो बदमाश गिरफ्तार, जेल में बंद गैंगस्टर के इशारे पर करते थे वसूली
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/23/article/image/malad-police-arrest-1771783003300-1771785169908-1771785181982_m.webpदिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की टीम ने कपिल सांगवान उर्फ नंदू गिरोह के दो कुख्यात बदमाशों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया है।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की टीम ने कपिल सांगवान उर्फ नंदू गिरोह के दो कुख्यात बदमाशों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान राजापुरी के वीरज उर्फ विरोधी और उत्तम नगर के भारत उर्फ मन्नी के रूप में हुई है। मुठभेड़ में एक बदमाश के पैर में गोली लगी, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने इनके पास से दो पिस्टल, मैगजीन, दो कारतूस और स्कूटी बरामद की है।
ऑफिस पर फायरिंग की
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपित भरत पर दर्जनों मामले दर्ज हैं। वह जेल में बंद गैंग्सटर विनोद उर्फ विक्की सन्यासी के कहने पर काम करता है। इसने हाल ही में बिंदापुर थाना क्षेत्र में व्यापारी को धमकी दी थी और जमीन का मामला निपटाने के लिए उसके ऑफिस पर फायरिंग की थी। पुलिस पकड़े गए आरोपितों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।
क्राइम ब्रांच को जिम्मा सौंपा
क्राइम ब्रांच के उपायुक्त हर्ष इंदौरा के मुताबिक, आरोपितों को पकड़ने के लिए एसीपी भगवती प्रसाद की देखरेख में और इंस्पेक्टर पवन कुमार के नेतृत्व में टीम गठित की गई थी। गैंग्सटरों द्वारा की जाने वाली जबरन वसूली की काल की घटनाओं और पैसे ऐंठने के लिए पीड़ितों पर गोली चलाने की उनकी बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए बदमाशों को पकड़ने के लिए क्राइम ब्रांच को जिम्मा सौंपा गया।
झाड़ियों की तरफ भागने लगे
इसी बीच हेड कांस्टेबल अमित कुमार को गुप्त सूचना मिली कि बिंदापुर मामले में वांटेड आरोपित यूईआर-II के पास आने वाला है। सूचना मिलते ही टीम ने मौके पर पहुंचकर जाल बिछाया। रविवार रात करीब 2:10 बजे स्कूटी सवार दो लोग पुलिस को आते हुए दिखाई दिए। स्कूटी रोकने पर आरोपितों ने अपनी पिस्टल निकालकर अंधेरे का फायदा उठाकर झाड़ियों की तरफ भागने लगे।
हेड कांस्टेबल अमित कुमार बाल-बाल बचे
पुलिस टीम द्वारा पीछा करने के दौरान एक बदमाश भारत ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। फायरिंग में हेड कांस्टेबल अमित कुमार बाल-बाल बच गए। इसके बाद अमित कुमार ने फरार आरोपितों को रुकने और रेडिंग टीम पर फायरिंग करने से रोकने के लिए हवा में एक राउंड फायर किया। एक और गोली आरोपित वीरज के पैर में लगी।
इसके बाद पुलिस टीम ने दोनों आरोपियों पर पकड़ लिया और उनके कब्जे से अवैध हथियार बरामद किए। पूछताछ में पता चला कि उन्होंने इसी माह के पहले सप्ताह में काली बस्ती के पास उत्तम नगर की सड़क से एक राहगीर से अपराध में इस्तेमाल की गई स्कूटी लूटी थी।
जेल में रहने के दौरान विनोद उर्फ विक्की के संपर्क में आया भारत
आरोपित भारत ने आठवीं कक्षा तक पढ़ाई की और इसके बाद दिल्ली के सोम बाजार में मोटर मैकेनिक के रूप में करीब तीन साल तक काम किया। इसी दौरान वह स्मैक की लत में पड़ गया। नशे की तलब पूरी करने के लिए उसने चोरी की वारदातें शुरू कर दीं।
तिहाड़ जेल में बंद रहने के दौरान उसकी मुलाकात विनोद उर्फ विक्की संन्यासी से हुई, जिसके कहने पर उसने लोगों से जबरन पैसे वसूलने और विवादों में दबाव बनाने के लिए फायरिंग कर धमकाने जैसे काम करने शुरू कर दिए।
सह-आरोपित वीरज बंगाल में पैदा हुआ था और वर्ष 2003 में उसका परिवार दिल्ली आ गया। उसने 12वीं तक पढ़ाई की और 2023 से 2025 तक बच्चों को ट्यूशन पढ़ाया। वर्ष 2025 में वह भारत के संपर्क में आया और नशे की लत के चलते आपराधिक गतिविधियों में शामिल हो गया।
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