GST चोरी का माल भेजने के लिए ट्रक उपलब्ध करा रहा मथुरा का ट्रांसपोर्टर, यूपी में फैला है गिरोह
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/22/article/image/moradabad-news-1771776769591_m.webpGST चोरी का माल भेजने के लिए ट्रक उपलब्ध करा रहा मथुरा का ट्रांसपोर्टर।
जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। पूरे प्रदेश में चल रहा जीएसटी चोरी के खेल में मथुरा का ट्रांसपोर्टर सरगना है। अब तक मुरादाबाद समेत अन्य स्थानों पर माल के साथ पकड़े गए अधिकांश ट्रक इसी ट्रांसपोर्टर ने उपलब्ध कराए थे।
यह ट्रक से माल भेजने का किराया चार गुना लेता है, लेकिन माल ठिकाने तक की पहुंचाने की जिम्मेदारी का भरोसा दिलाता है। साथ ही कहता है कि अगर कही माल पकड़ा जाएगा तो वह खुद रुपये देकर माल छुड़ाएगा।
पूरे प्रदेश में जीएसटी चोरी करने वाले गिरोह उसी से संपर्क कर माल भिजवा रहे हैं। एसआईटी टीम को उसका नाम मिल गया है। अब टीम उसकी तलाश में जुटी हुई है।
मुरादाबाद में 24 अक्टूबर को मुजफ्फरपुर ले जाते समय दो ट्रक लोहे का स्क्रैप जीएसटी विभाग ने उमरी चौराहे से पकड़ा था। जांच में पता चला कि लखनऊ के राजाजीपुरम निवासी प्रवीण श्रीवास्तव के फर्जी किराएनामे व बिजली के बिल के आधार पर अंकित नामक शख्स ने एके इंटरप्राइजेज नाम से फर्म दिखाई।
फर्म में दर्ज नंबरों की जांच में एक मोबाइल नंबर से 60 और दूसरे मोबाइल नंबर से 62 फर्म मिलीं। इस तरह एक ही शख्स के पंजीकरण में दर्ज दो नंबरों से देश भर में 122 फर्जी फर्म सामने आए।
अब तक की जांच में 535 बोगस फर्मों के माध्यम से 989 करोड़ की जीएसटी चोरी सामने आ चुकी है। इस मामले की जांच के लिए एसएसपी सतपाल अंतिल ने 11 सदस्य एसआईटी टीम गठित की थी।
एसआईटी टीम ने अब तक इस मामले में कार्रवाई करते हुए मेरठ के नौचंदी थाना क्षेत्र के शास्त्रीनगर निवासी इखलाक और शाहजहांपुर के रामचंद्र मिशन थाना के चमकनी गरिपुरा निवासी इत्तेफाक आलम उर्फ दानिश कबाड़ी, दिल्ली के स्वरूप नगर गली नंबर-आठ निवासी सुमित कुमार और पंजाब के सीए परविंदर और अरशद समेत सात आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
अन्य आरोपितों की तलाश में जीएसटी टीम जुटी हुई है। अब टीम को जानकारी मिली है कि पूरे प्रदेश में जो भी माल जीएसटी चोरी करके इधर-उधर ट्रकों से ले जाया जाता है वह ट्रक मथुरा का एक ट्रांसपोर्टर उपलब्ध कराता है। जांच में जानकारी मिली है कि यह ट्रांसपोर्टर अपने ट्रक से माल भिजवाने के लिए जितना किराया होता है उससे चार गुना लेता है।
साथ ही जो माल भेजता है उसे यह विश्वास दिलाता है कि आपका माल कही भी पकड़ा नहीं जाएगा। अब उसका नाम एसआईटी टीम को मिल गया है। टीम उसकी तलाश में जुटी हुई है। किसी दिन भी उसकी गिरफ्तारी हो सकती है।
एसपी क्राइम सुभाषचंद्र गंगवार ने बताया कि एक ट्रांसपोर्टर का नाम निकलकर सामने आया है। यह जीएसटी चोरी करने वालों को ट्रक उपलब्ध कराता है। टीम इसकी तलाश में जुटी है।
जीएसटी विभाग के अधिकारियों से बताता है सांठ-गांठ
पूरे प्रदेश में जो गिरोह जीएसटी चोरी करने का काम कर रहा है वह इस ट्रांसपोर्टर से ही संपर्क करता है। इसका दावा है कि प्रदेश के सभी जीएसटी विभाग के अधिकारियों से सांठगांठ है। ऐसे में कही भी माल नहीं पकड़ा जाएगा। इसलिए जीएसटी चोरी करने वाला गिरोह मथुरा के ट्रांसपोर्टर पर भरोसा जताकर उसी के द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे ट्रकों से माल भेज रहा है।
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