ट्रेनों की लेटलतीफी से घाटशिला के पर्यटन उद्योग पर संकट, होटलों की बुकिंग हो रही कैंसिल
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/22/article/image/Ghatshila-1771756545171_m.webpघाटशिला की खूबसूरती। फोटो जागरण
संवाद सहयोगी, घाटशिला। ट्रेन के समय सारणी में लेट लतीफी का असर घाटशिला के पर्यटन उद्योग में पड़ने लगा है। खासकर पश्चिम बंगाल के कोलकाता, हावड़ा समेत अन्य स्थानों से पूर्वी सिंहभूम जिले के घाटशिला में पहुंचने वाले टुरिस्ट की संख्या में लगातार गिरावट से होटल संचालक को नुकसान उठाना पड़ रहा।
ट्रेन लेट होने के कारण पूर्व से बुक कराए गए होटल के कमरों को पर्यटक कैंसल करा रहे। मजबूरन होटल संचालकों को टिकट का पैसा रिफंड करना पड़ रहा।
होटल संचालक सुमंतो मुखर्जी ने कहा कि टूरिस्ट न के बराबर आ रहे है। ट्रेन लेट होने के कारण पूर्व में बुक कराए गए होटल के कमरें भी कैंसल हो रहे है। जो सबसे बड़ी चिंता का विषय है।
ऑटो व कार चालक तक परेशान
ट्रेन की लेट लतीफी के कारण टुरिस्टों के कम आने से आटो व कार चालक तक परेशान है। जिन वाहन चालकों ने लोन में गाड़ी ले रखी है, उन्हें किश्त की राशि तक भरने में परेशानी होने लगी है। ऐसे में चालक भी बेहद परेशानी के हालत में है।
होटल संचालक घटा रहे कर्मचारी
टूरिस्ट न के बराबर आने के कारण अब होटल संचालक खर्च में कटौती के लिए कर्मचारियों की संख्या तक घटाने में लगे है, ताकि महीने के बजट को कम किया जा सके। कई होटलों में तो संचालकों को कर्मचारियों को नियमित ढंग से वेतन देने में भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा।
क्षेत्र की अर्थव्यवस्था में पर्यटकों का अहम योगदान
घाटशिला को ताम्र के क्षेत्र के लिए जाना ही जाता, वहीं इसकी दूसरी पहचान पर्यटन व साहित्य भी है, लेकिन यहां टूरिस्ट स्पाट में सुविधाओं का घोर अभाव दिखता है।
इसके अलावे यातायात के लिए समय सारणी बेहतर न होने के कारण अब बंगाल के लोग ओड़िशा, दीघा समेत कई अन्य स्थानों की तरफ रूख करने लगे है। जिसका असर घाटशिला की अर्थव्यवस्था पर पड़ने लगा है।
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