कटिहार में बढ़ रही बच्चा चोरी की अफवाह, पुलिस की जांच में अब तक की घटनाएं निराधार
https://www.jagranimages.com/images/2026/02/22/article/image/bacha-chori-1771749715031_m.webpकटिहार में बढ़ रही बच्चा चोरी की अफवाह
संवाद सहयोगी, कटिहार। मनसाही, प्राणपुर, शहर के इमलीगाछ और अब कदवा के धनगामा बेल टोला में बच्चा चोरी की आशंका को लेकर भीड़ का उग्र होना चिंताजनक संकेत दे रहा है। हालिया घटनाओं में एक महिला को संदेह के आधार पर लोगों की भीड़ ने घेर लिया। भीड़ के बीच डरी-सहमी महिला के साथ धक्का-मुक्की की गई।
सवाल यह है कि क्या सभ्य समाज में इस तरह की घटनाएं स्वीकार्य हैं? इसे भीड़तंत्र कहें या फिर खुद न्याय करने की बढ़ती प्रवृत्ति? किशोर कुमार, देवव्रत गुप्ता और निलेश सिंह का कहना है कि यदि किसी पर संदेह भी हो, तो उसे पुलिस के हवाले करना चाहिए, न कि मारपीट या भीड़ जुटाकर कानून हाथ में लेना चाहिए।
ऐसी घटनाएं न सिर्फ कानून व्यवस्था के लिए चुनौती हैं, बल्कि सामाजिक सौहार्द के लिए भी खतरा बनती जा रही हैं।
बच्चा चोरी की बात अब तक निराधार
गौरतलब है कि मनसाही, प्राणपुर और कटिहार इमलीगाछ की घटनाओं में बच्चा चोरी की बात अब तक निराधार साबित हुई थी। कदवा की घटना की जांच जारी है। हालांकि, यह भी सच है कि 18 मई 2024 को कोढ़ा में पुलिस ने बच्चा चोरी गिरोह का पर्दाफाश किया था, जिसमें चार महिलाएं गिरफ्तार की गई थीं।
इन घटनाओं के बीच यह चिंता भी गहराती है कि कहीं अफवाहों के सहारे भीड़ का पैटर्न तो नहीं बन रहा। ऐसी स्थिति में खासकर महिलाओं के मन में अनजान जगह जाने को लेकर भय उत्पन्न होना स्वाभाविक है।
समाजसेवी समाज संयम बरतने, अफवाहों से बचने और किसी भी संदेह की स्थिति में तत्काल पुलिस को सूचना देने की जरूरत पर बल दे रहे हैं। कानून को हाथ में लेने की प्रवृत्ति पर रोक और जागरूकता ही ऐसे मामलों का स्थायी समाधान हो सकता है।
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